
ऋषिकेश: दिल्ली में हुए विस्फोट की घटना के बाद देहरादून पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। मंगलवार को पुलिस टीमों ने शहर और ऋषिकेश में रासायनिक पदार्थों की बिक्री करने वाली दुकानों और गोदामों पर अचानक जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान केमिकल की बिक्री, स्टॉक और खरीदारों का पूरा रिकॉर्ड खंगाला गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम संभावित गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दिल्ली में हुए धमाके के पीछे संवेदनशील रसायनों के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। इसी के चलते आसपास के राज्यों में केमिकल की बिक्री और भंडारण पर पुलिस-प्रशासन ने विशेष निगरानी शुरू की है। उत्तराखंड में भी दून पुलिस ने रासायनिक पदार्थों के व्यापार से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है।
आधिकारिक जानकारी
एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर मंगलवार को पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर कोतवाली और ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित केमिकल दुकानों व गोदामों पर औचक जांच की। पुलिस ने मुख्य रूप से सोडियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे संवेदनशील रसायनों के स्टॉक और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली नगर क्षेत्र की चार दुकानों और कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र की एक दुकान की विशेष जांच की गई।
इन दुकानों के रजिस्टर, स्टॉक बुक और बिक्री रिकॉर्ड का मिलान किया गया। पुलिस ने उन लोगों की सूची भी मांगी जिन्होंने हाल के महीनों में इन दुकानों से केमिकल खरीदा है।
एसएसपी का बयान
एसएसपी अजय सिंह ने पुष्टि की कि, “हमने उन सभी खरीदारों की जानकारी जुटाई है जिन्होंने पिछले कुछ समय में केमिकल खरीदे हैं। उनकी जांच की जाएगी। सभी विक्रेताओं को हिदायत दी गई है कि बिना वैध परिचय पत्र और बिल के कोई भी रासायनिक पदार्थ न बेचें। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संवेदनशील रसायनों का गलत उपयोग न हो।”
उन्होंने बताया कि शहर में पिकेट जांच भी बढ़ाई गई है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रियाएँ
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पुलिस की यह जांच स्वागतयोग्य है क्योंकि इससे गलत तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
एक केमिकल व्यापारी ने बताया, “हमारा पूरा रिकॉर्ड साफ है। अगर पुलिस समय-समय पर जांच करे तो यह सभी के लिए बेहतर रहेगा।”
आगे क्या
पुलिस ने सभी रासायनिक पदार्थों के थोक और खुदरा विक्रेताओं को लिखित हिदायत दी है कि बिक्री का पूरा रजिस्टर और खरीदारों की पहचान का विवरण अपडेट रखें। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी इसी तरह की जांच अभियान चलाने की संभावना है।






