
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम भीषण धमाके से दहल उठी, जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ। इस धमाके में कम से कम 10 लोगों की मौत और 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की गाड़ियों में आग लग गई और शरीर के हिस्से कई मीटर दूर तक बिखर गए। प्रारंभिक जांच में आतंकी हमले की आशंका जताई जा रही है, जबकि अमेरिका ने जांच में सहयोग की पेशकश की है।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुआ विस्फोट
सोमवार शाम करीब 6:15 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास अचानक एक कार में विस्फोट हुआ। विस्फोट की आवाज़ आईटीओ चौराहे तक सुनी गई। धमाका इतना तीव्र था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए और तीन वाहन आग की चपेट में आ गए। पुलिस और दमकल की सात गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया।
“विस्फोट इतना भीषण था कि इलाके में अफरातफरी मच गई। चारों ओर धुआं और जले वाहनों का मलबा फैल गया।” — प्रत्यक्षदर्शी, लाल किला क्षेत्र
आतंकी हमले की आशंका — फरीदाबाद से मिले 350 किलो विस्फोटक से जुड़ाव की जांच
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि यह धमाका सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में हाल ही में 350 किलो विस्फोटक और AK-47 मिलने के बावजूद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त नहीं की गई थी। इसी लापरवाही ने 10 निर्दोष लोगों की जान ले ली।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या फरीदाबाद से बरामद हथियारों का कनेक्शन लाल किला धमाके से जुड़ा है।
विस्फोटक कार की कड़ी पुलवामा से जुड़ी!
धमाके में इस्तेमाल हुई कार HR-26-CE-7674 हरियाणा के गुरुग्राम निवासी सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी। सलमान ने यह कार ओखला निवासी देवेंद्र को बेची थी, जिसने आगे अंबाला में किसी तीसरे व्यक्ति को दे दी। बाद में कार पुलवामा निवासी तारिक के पास पहुंची — पुलवामा में 2019 में इसी तरह के वाहन विस्फोट में 40 जवान शहीद हुए थे। जांच एजेंसियां अब पुलवामा मॉड्यूल से कनेक्शन की संभावना खंगाल रही हैं।
घायलों को बचाने के लिए पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर
विस्फोट के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत राहत अभियान शुरू किया। लाल किला से लोकनायक अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया ताकि घायलों को तुरंत पहुंचाया जा सके। जामा मस्जिद, दिल्ली गेट और दरियागंज इलाकों को तुरंत खाली करवा दिया गया। बैरिकेडिंग कर इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
पहले सीएनजी विस्फोट माना गया, फिर मिला विस्फोटक के सबूत
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि “प्रारंभिक जांच में सीएनजी सिलिंडर विस्फोट प्रतीत होता है।” लेकिन जब विस्फोट के टुकड़े और बारूद के अंश मिले, तब मामला आतंकी विस्फोट के रूप में लिया गया। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट 1 और 4 को एहतियातन बंद कर दिया गया है।
अमेरिका ने मदद की पेशकश, NIA और NSG जांच में शामिल
अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी करते हुए कहा —
“भारत के साथ हम आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं। हम इस हमले की जांच में मदद करने को तैयार हैं।”
वहीं, NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और NSG कमांडो की टीमें दिल्ली पहुंच चुकी हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञ कार के मलबे और विस्फोटक अवशेषों की जांच कर रहे हैं।
दिल्ली, यूपी, मुंबई, हरियाणा, उत्तराखंड में हाई अलर्ट
लाल किला विस्फोट के बाद देशभर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, धार्मिक स्थल और प्रमुख बाजारों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अयोध्या के राममंदिर परिसर और नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा —
“धमाके के बाद चारों ओर सिर्फ चीख-पुकार थी। मैंने खुद कई लोगों को घायल अवस्था में देखा।”
एक पुलिस अधिकारी ने बताया —
“हम हर कोण से जांच कर रहे हैं — कार की बिक्री श्रृंखला से लेकर विस्फोटक सामग्री के स्रोत तक।”
Rishikesh News आगे भी लाल किला धमाके, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा अपडेट पर नज़र रखेगा।
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