
देहरादून: उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (FRI) में स्टार्टअप से जुड़े युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज युवाओं को केवल नौकरी की तलाश नहीं, बल्कि नौकरी देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने स्थानीय उद्यमों, जैविक खेती, पर्यटन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों की कहानियां सुनीं और सुझाव दिए।
उत्तराखंड की स्टार्टअप ऊर्जा पर पीएम मोदी का फोकस
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यभर से पहुंचे युवाओं और महिलाओं से मुलाकात की, जो अपने-अपने क्षेत्रों में अभिनव कार्य कर रहे हैं। इनमें पर्यटन, हस्तशिल्प, कृषि, इको-टूरिज्म और मधुमक्खी पालन से जुड़े उद्यमी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने सभी को आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ते हुए कहा —
“उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं। राज्य का युवा और महिला शक्ति मिलकर इसे स्टार्टअप स्टेट बना सकते हैं।”
ऋषिकेश की मंजू शर्मा – विदेशी सैलानियों को उत्तराखंड से जोड़ने वाली गाइड
ऋषिकेश निवासी मंजू शर्मा ने प्रधानमंत्री को अपने अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्ष 2001 में एक टूर गाइड के रूप में शुरुआत की और अब एक ट्रैवल एजेंसी संचालित कर रही हैं।
“मैं उत्तराखंड में योग और इको टूरिज्म से विदेशी मेहमानों को जोड़ने का काम कर रही हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग और एडवेंचर एक्टिविटी में राज्य के पास अपार अवसर हैं।”
मंजू वर्तमान में विदेशी पर्यटकों को उत्तराखंड की जनजातीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन से परिचित कराने का कार्य कर रही हैं।
उत्तरकाशी की स्वतंत्री बदानी – महिला समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल
उत्तरकाशी की स्वतंत्री बदानी ने अपने महिला स्वयं सहायता समूह की सफलता की कहानी साझा की।
“मैं उत्तरकाशी से हूं और लाल चावल व सेब उत्पादन पर काम कर रही हूं। प्रधानमंत्री को बताया कि हम अपने उत्पादों को अब अन्य राज्यों तक पहुंचा रहे हैं।”
पीएम मोदी ने स्वतंत्री और उनके समूह की सराहना करते हुए कहा कि “महिलाएं केवल रोजगार प्राप्तकर्ता नहीं, बल्कि रोजगार निर्माता बनें।”
गढ़वाल के अभिषेक – पर्यटन को 12 महीने तक सक्रिय करने की दिशा में प्रयास
गढ़वाल के युवा उद्यमी अभिषेक ने प्रधानमंत्री को बताया कि वे होमस्टे और रिसॉर्ट संचालित कर रहे हैं।
“प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में केवल छह महीने नहीं, बल्कि पूरे साल पर्यटन सक्रिय रहना चाहिए। उसी दिशा में अब मैं शीतकालीन पर्यटन पर काम कर रहा हूं।”
अभिषेक का कहना है कि प्रधानमंत्री के सुझाव से उन्हें “विंटर टूरिज्म” को नई दिशा में विकसित करने की प्रेरणा मिली है।
देहरादून की नूपुर अग्रवाल – उत्तराखंड की ‘ब्रेन पावर’ और ‘मसल पावर’ का उदाहरण
देहरादून की नूपुर अग्रवाल ने कहा कि “उत्तराखंड केवल शिक्षा और रक्षा में नहीं, बल्कि नवाचार में भी अग्रणी बनने जा रहा है।”
“यह प्रदेश LBSNAA से प्रशासनिक अधिकारी और IMA से वीर सैनिक देता है। अब यहां के युवा और महिलाएं मिलकर इसे स्टार्टअप स्टेट बनाएंगे।”
शुभम राणा – मधुमक्खी पालन से नया कारोबार मॉडल
मधुमक्खी पालन से जुड़े युवा शुभम राणा ने प्रधानमंत्री से संवाद के दौरान बताया कि वह हनी आधारित उत्पाद जैसे लिप बाम, फुट क्रीम, मोमबत्ती आदि बना रहे हैं।
“प्रधानमंत्री ने कहा कि शहद के साथ अन्य उत्पादों पर काम करने की आवश्यकता है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग भी होगा।”
पीएम मोदी के सुझाव – आत्मनिर्भरता और नवाचार की ओर कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के युवाओं और महिला समूहों से कहा कि “छोटे स्तर पर शुरू किए गए स्टार्टअप आने वाले समय में पूरे देश की पहचान बन सकते हैं।”
उन्होंने राज्य में मधुमक्खी पालन, जैविक खेती, इको-टूरिज्म और स्थानीय उत्पाद ब्रांडिंग पर विशेष बल देने की सलाह दी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून और ऋषिकेश के युवाओं ने कहा कि “प्रधानमंत्री से सीधे संवाद करने से उन्हें प्रेरणा मिली है।”
कई प्रतिभागियों ने कहा कि “सरकार की योजनाएं यदि सही दिशा में लागू की जाएं, तो उत्तराखंड देश का सबसे प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम बन सकता है।”






