
देहरादून: उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (U-CADA) ने राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित भव्य ड्रोन लाइट शो में आसमान में 300 ड्रोन के माध्यम से देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और देवभूमि की गौरवशाली यात्रा को नए अंदाज में प्रस्तुत किया।
300 ड्रोन से सजा देवभूमि का आसमान
कार्यक्रम की शुरुआत “देवभूमि उत्तराखंड” को समर्पित अद्भुत दृश्य से हुई, जहां ड्रोन के माध्यम से भगवान शिव की जटाओं से गंगा अवतरण का मनोहारी चित्रण किया गया। इसके बाद क्रमशः राज्य की 25 वर्षीय विकास यात्रा, त्रिशूल, डमरू, और केदारनाथ-बदरीनाथ धाम के प्रतीकात्मक दृश्य प्रस्तुत किए गए।
“ड्रोन शो के दौरान जब भगवान शिव की जटाओं से गंगा अवतरित होती दिखाई दी, तो पूरा आसमान श्रद्धा और रोमांच से भर गया।” — एक दर्शक, देहरादून
संस्कृति और परंपरा की झलक
ड्रोन शो में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपरा को भी खूबसूरती से दर्शाया गया। राज्य पक्षी हिमालयन मोनाल, पारंपरिक छोलिया नृत्य, लोक वाद्य यंत्रों, और कुमाऊंनी परिधान में पुरुष की आकृति ने सभी का दिल जीत लिया। राज्य की लोक संस्कृति को आधुनिक तकनीक से जोड़ने वाला यह शो परंपरा और तकनीकी नवाचार का अनोखा संगम साबित हुआ।
आधुनिकता और प्रगति का संदेश
कार्यक्रम का समापन हेलिकॉप्टर एविएशन और उत्तराखंड सिविल एविएशन प्राधिकरण (U-CADA) के प्रतीक चिन्ह की आकृति से हुआ। इस दृश्य ने राज्य की आर्थिक प्रगति, सुगमता और नई संभावनाओं को उजागर किया।
‘उत्तराखंड नवाचार और विरासत की भूमि’ — एस.एस. टोलिया
इस अवसर पर यूकाडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.एस. टोलिया ने कहा —
“उत्तराखंड न केवल दिव्य विरासत और प्राकृतिक संपदा की भूमि है, बल्कि यह नवाचार और प्रगति की भी भूमि है। यह ड्रोन लाइट शो हमारी सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करता है।”
यूकाडा टीम के नेतृत्व में सफल आयोजन
इस आयोजन को सचिव सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान, संचालन प्रभारी रंधीर कटोच, और वित्त नियंत्रक दीपक चंद भट्ट के नेतृत्व में संपन्न कराया गया। सभी अधिकारियों ने बताया कि यह शो उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान
और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया
दर्शकों ने कहा कि यह शो न केवल तकनीकी दृष्टि से भव्य था, बल्कि इसने उत्तराखंड की आत्मा — उसकी संस्कृति, प्रकृति और अध्यात्म को भी जीवंत कर दिया।
रजत जयंती वर्ष के इस कार्यक्रम ने उत्तराखंड को आध्यात्मिकता और नवाचार के संगम के रूप में स्थापित किया। U-CADA का यह आयोजन आने वाले वर्षों में प्रदेश के सिविल एविएशन और तकनीकी क्षेत्र में नई उड़ान का संकेत है।
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