
देहरादून: उत्तराखंड सिडकुल में टेंडर आवंटन को लेकर नया विवाद सामने आया है। कांग्रेस नेता और CWC सदस्य करन माहरा ने सिडकुल के महाप्रबंधक यदुवीर पुंडीर पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि बिना टेंडर प्रक्रिया के उनके परिवार से जुड़ी कंपनी को 70 लाख रुपये से अधिक के काम आवंटित किए गए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सिडकुल राज्य का महत्वपूर्ण औद्योगिक विकास केंद्र है, जहां विभिन्न निर्माण और तकनीकी कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे में किसी भी अनियमितता का मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तुरंत चर्चा का विषय बन जाता है। कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।
आधिकारिक जानकारी
CWC सदस्य करन माहरा ने आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि GM यदुवीर पुंडीर ने अपने परिवार के नाम पर एक कंपनी बनाई और सिडकुल में 70 लाख रुपये से अधिक के काम उसी कंपनी को दे दिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुंडीर की पत्नी सोनिया पुंडीर की कंपनी को भी सिडकुल के 50% मैप तैयार करने का काम आवंटित किया गया है।
करन माहरा के अनुसार, सिडकुल की नियमावली स्पष्ट रूप से कहती है कि कोई भी अधिकारी या उसका परिजन संस्था से जुड़े कार्यों का लाभ नहीं उठा सकता।
कांग्रेस का कहना है कि मामले से जुड़े कई दस्तावेज सिडकुल प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, और यदि सभी डेटा सामने आ गए, तो घोटाले की राशि करोड़ों में पहुंच सकती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मामले के राजनीतिक रंग लेने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज है। कुछ उद्योगपतियों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए गए, तो यह सिडकुल की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा। वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि औद्योगिक इकाइयों का विश्वास बना रहे।
विशेषज्ञ टिप्पणी
औद्योगिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी अधिकारी द्वारा नियमों का उल्लंघन कर अपने परिजनों को लाभ पहुंचाया गया है, तो यह गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जाएगी।
आगे क्या
कांग्रेस ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। अब तक सिडकुल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है और विधानसभा स्तर तक पहुंच सकता है।







