
मसूरी: ऐतिहासिक और शानदार “द क्लासिक हिमालयन ड्राइव” विंटेज कार रैली मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे वेलकम होटल द सेवाय पहुंची, जहां प्रतिभागियों का पारंपरिक रीति-रिवाज से भव्य स्वागत किया गया। शाम को जब यह विंटेज कारों का काफिला मालरोड पहुंचा, तो पर्यटक और स्थानीय लोग उत्साह से भर उठे। रैली की झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यह रैली उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की वादियों में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य 1980–90 के दशक की प्रसिद्ध हिमालयन कार रैली को पुनर्जीवित करना और विंटेज वाहनों के प्रति रुचि को बढ़ावा देना है। आयोजक संस्था टीम फायर फॉक्स के लीडर राजन स्याल के अनुसार, रैली 2 नवंबर को दिल्ली से शुरू हुई थी। यह रामनगर, ऋषिकेश, नरेंद्रनगर, चंबा और धनोल्टी होते हुए मंगलवार को मसूरी पहुंची।
रैली में विदेशी सहभागिता और वैश्विक आकर्षण
राजन स्याल ने बताया कि रैली में कुल 90 प्रतिभागी और 30 विदेशी वाहन शामिल हैं। इनमें 13 वाहन यूनाइटेड किंगडम (यूके), एक फ्रांस, एक कीनिया, दो श्रीलंका, और एक भूटान से आए हैं। उन्होंने बताया कि इस रैली के वीडियो विश्वभर में प्रसारित हो रहे हैं, जिससे उत्तराखंड के पर्यटन को नई पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा।
मसूरी में स्वागत और लोगों का उत्साह
मसूरी पहुंचने पर होटल सेवाय में प्रतिभागियों का भव्य स्वागत किया गया। शाम को जब विंटेज कारों का काफिला गांधी चौक से मालरोड, शहीद स्थल होते हुए पिक्चर पैलेस चौक तक निकला, तो सैलानियों और स्थानीय लोगों ने कारों के साथ फोटो और वीडियो लिए। पर्यटकों ने कहा कि मसूरी की खूबसूरती और ठंडी हवाओं में इन क्लासिक कारों को देखना अविस्मरणीय अनुभव रहा।
प्रतिभागियों के अनुभव
विदेशी प्रतिभागियों रिचर्ड ग्रीन, एलिजाबेथ, कीथ लोमस, युवोनी लोमस, और रूथ पीटर्सन ने कहा —
“यह यात्रा हमारे जीवन की सबसे यादगार रैलियों में से एक है। हिमालय की सुंदरता और सड़कों की रोमांचक चुनौती ने हमें मंत्रमुग्ध कर दिया।”
महाराष्ट्र के सूरत से आई प्रतिभागी संजना टकले ने कहा —
“यह रैली बेहद रोमांचक और प्रेरणादायक रही। उत्तराखंड की आतिथ्य भावना और सड़कों की खूबसूरती देखने लायक है।”
सेवाय होटल की भूमिका और आयोजन की सराहना
होटल सेवाय के सीएमडी किशोर काया ने कहा कि होटल टीम मसूरी में एक बार फिर से हिमालयन कार रैली के गौरव को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
“हम चाहते हैं कि मसूरी न सिर्फ पर्यटन के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मोटर रैली आयोजनों का केंद्र बने।”
आगे का रूट और रैली का सफर
राजन स्याल ने बताया कि मसूरी से अब रैली नौगांव, पुरोला, जरमोला होते हुए हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करेगी। आगे यह रैली शिवपुरी, शिमला, नारकंडा, मनाली, रोहतांग पास, चंडीगढ़ होते हुए दिल्ली में समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह रूट रैली का सबसे लंबा और चुनौतीपूर्ण चरण है, जिसमें ड्राइवर्स को पहाड़ी सड़कों पर कई घंटे सफर करना होगा।
रस्किन बांड ने दी शुभकामनाएं
प्रसिद्ध लेखक रस्किन बांड ने रैली आयोजकों और प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा —
“यह रैली मसूरी के पर्यटन के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे दुनिया के सामने मसूरी और हिमालय की सुंदरता का नया परिचय मिलेगा।”
उन्होंने होटल सेवाय की टीम को बधाई देते हुए कहा कि सभी प्रतिभागी अपनी यात्रा का आनंद लें और हिमालय की आत्मा को महसूस करें।







