
धर्म डेस्क: Mauni Amavasya आज देवभूमि उत्तराखंड समेत पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। खास बात यह है कि इस बार मौनी अमावस्या सर्वार्थ सिद्धि योग में पड़ रही है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। ऋषिकेश, हरिद्वार और आसपास के गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है, जहां लोग गंगा स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार Mauni Amavasya के दिन मौन रहकर स्नान, दान और जप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया गंगा स्नान कुंभ स्नान के समान पुण्य देता है। यही कारण है कि स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आए लोग भी आज गंगा घाटों की ओर रुख कर रहे हैं।
Mauni Amavasya का धार्मिक महत्व
माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन मन, वाणी और कर्म से संयम रखना श्रेष्ठ माना गया है। Mauni Amavasya पर मौन रहकर स्नान और दान करने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऋषिकेश और हरिद्वार में मान्यता है कि आज के दिन गंगा में स्नान करने से पितरों को भी शांति मिलती है।
सर्वार्थ सिद्धि योग में Mauni Amavasya का विशेष संयोग
आज की Mauni Amavasya सर्वार्थ सिद्धि योग में पड़ने के कारण इसका महत्व और बढ़ गया है। इस योग में किए गए धार्मिक कार्य, दान और जप शीघ्र फलदायी माने जाते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह योग नए संकल्प, साधना और दान के लिए अत्यंत शुभ होता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
Mauni Amavasya स्नान-दान का मुहूर्त
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आज के प्रमुख धार्मिक समय इस प्रकार हैं:
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| अमावस्या तिथि | सूर्योदय से रात्रि तक |
| स्नान का श्रेष्ठ समय | प्रातः ब्रह्म मुहूर्त से दोपहर तक |
| विशेष योग | सर्वार्थ सिद्धि योग |
| दान का उत्तम समय | गंगा स्नान के बाद |
| अनुशंसित दान | तिल, अन्न, गुड़, गर्म वस्त्र |
स्थानीय पंडितों के अनुसार, प्रातःकाल गंगा स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देना और फिर दान करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
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Mauni Amavasya पर क्या दान करें
Mauni Amavasya के दिन दान का विशेष महत्व है। ऋषिकेश क्षेत्र में परंपरागत रूप से श्रद्धालु आज के दिन अन्न, तिल, गुड़, गर्म वस्त्र, कंबल और जरूरतमंदों को भोजन दान करते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है और पितृ दोष से भी मुक्ति दिलाता है।
Mauni Amavasya का मंत्र और जप
आज के दिन स्नान के बाद शांत मन से मंत्र जप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। विशेष रूप से गंगा तट पर बैठकर गायत्री मंत्र या “ॐ नमः शिवाय” का जप करने से मानसिक शांति और आत्मिक बल की प्राप्ति होती है। मौन रहकर किया गया जप Mauni Amavasya की साधना को और प्रभावी बनाता है।
आज का स्थानीय अपडेट: ऋषिकेश के घाटों पर व्यवस्था
ऋषिकेश में मौनी अमावस्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा गंगा घाटों पर विशेष व्यवस्था की गई है। सफाई, सुरक्षा और यातायात को लेकर स्थानीय स्तर पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान और पूजा कर सकें। स्थानीय पुरोहितों के अनुसार, दोपहर बाद भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रह सकता है।
Mauni Amavasya केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मसंयम, साधना और सेवा का दिन है। सर्वार्थ सिद्धि योग में पड़ रही आज की मौनी अमावस्या श्रद्धालुओं के लिए विशेष पुण्य का अवसर लेकर आई है। गंगा स्नान, दान और मौन साधना के माध्यम से व्यक्ति न केवल आध्यात्मिक शांति प्राप्त करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी महसूस करता है।







