
हल्द्वानी: दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसियों ने हल्द्वानी की बिलाल मस्जिद के मौलाना आसिम कासमी को देर रात हिरासत में लेकर पूछताछ की। कई घंटों की पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया, जबकि उनका मोबाइल और लैपटॉप जांच के लिए अपने पास रख लिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हाल ही में दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच एनआईए सहित विभिन्न एजेंसियां मिलकर कर रही हैं। ब्लास्ट में आठ लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। मामले की जाँच के दौरान उत्तराखण्ड के कुछ व्यक्तियों के संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।
आधिकारिक जानकारी
शुक्रवार देर रात हल्द्वानी बिलाल मस्जिद के मौलाना आसिम कासमी और एक सहयोगी को केंद्रीय एजेंसियों ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। अधिकारियों द्वारा आधिकारिक बयान नहीं दिया गया, लेकिन मौलाना ने बाहर निकलने के बाद पूछताछ की पुष्टि की है।
अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे टिप्पणी करने से बचते दिखे।
पूछताछ से जुड़े तथ्य
सूत्रों के अनुसार, मौलाना पर देश विरोधी संगठनों से संभावित संपर्क का संदेह था, जिसके आधार पर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ पूरी होने के बाद भले ही उन्हें छोड़ दिया गया है, लेकिन एजेंसियां उनके मोबाइल और लैपटॉप की फोरेंसिक जांच करेंगी।
बताया जा रहा है कि आवश्यकता पड़ने पर मौलाना और उनके सहयोगी को दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
दिल्ली ब्लास्ट का घटनाक्रम
10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में विस्फोट हुआ था, जिसमें 8 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंपी गई, जिसने अब तक कई गिरफ्तारियाँ की हैं। घायलों में उत्तराखण्ड का एक युवक भी शामिल था।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूछताछ को लेकर क्षेत्र में तनाव जरूर महसूस हुआ, लेकिन जांच एजेंसियों द्वारा मौलाना को रिहा किए जाने से हालात सामान्य होते दिख रहे हैं। व्यापारियों ने बताया कि देर रात की कार्रवाई से शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज है।
देहरादून में बढ़ी सुरक्षा
दिल्ली ब्लास्ट के बाद सतर्कता बढ़ाते हुए देहरादून पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर पूरे जिले में चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। सीमावर्ती चौकियों और आंतरिक मार्गों पर आने-जाने वाले वाहनों और व्यक्तियों की सख्त जांच की जा रही है।
पिछले 24 घंटे में पुलिस ने 1400 से अधिक वाहनों और 2700 से अधिक व्यक्तियों की चेकिंग की है। बाहरी राज्यों से आने वालों से पूछताछ कर दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा रहा है।
आगे क्या?
एजेंसियां अभी भी ब्लास्ट केस से जुड़े सभी संभावित लिंक की गहन जांच कर रही हैं। मोबाइल और लैपटॉप की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। उधर, देहरादून और कुमाऊं क्षेत्र में सुरक्षा निगरानी कुछ दिनों तक और बढ़ने की उम्मीद है।






