
देहरादून में भाजपा संगठन ने पार्टी नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। भाजपा विधायक अरविंद पांडे समेत कुछ नेताओं के बयानों से संगठन में असहजता बढ़ने के बाद पार्टी ने फोरम से इतर किसी भी तरह की बयानबाजी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसकी पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
हाल के दिनों में कुछ भाजपा नेताओं के सार्वजनिक बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज रही है। इन बयानों से न केवल सरकार बल्कि संगठन की छवि को लेकर भी सवाल उठे। इसी को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पार्टी फोरम के बाहर बयानबाजी पर रोक
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं को अवगत करा दिया गया है कि वे अपनी बात सार्वजनिक मंचों पर रखने के बजाय पार्टी फोरम या मुख्यमंत्री के समक्ष रखें। उन्होंने साफ कहा कि अब यदि कोई नेता इन निर्देशों के बावजूद बयानबाजी करता है, तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अरविंद पांडे के बयानों पर हुई बातचीत
महेंद्र भट्ट ने बताया कि हाल के दिनों में विधायक अरविंद पांडे के बयानों को लेकर उनसे बातचीत की गई है। उन्होंने कहा कि विधायक सरकार का अंग होते हैं और उन्हें अपनी बात उचित मंच पर रखनी चाहिए। पार्टी नेतृत्व ने इस संबंध में स्पष्ट संदेश दे दिया है।
कोर कमेटी की बैठक की तैयारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी जानकारी दी कि आगामी समय में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछली बैठक दिल्ली में लोकसभा सत्र के दौरान हुई थी और अब संसद के बजट सत्र के दौरान अगली बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में संगठन और सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
होर्डिंग विवाद पर स्पष्टीकरण
प्रदेश प्रभारी के नाम से जुड़े होर्डिंग को लेकर उठे सवालों पर महेंद्र भट्ट ने कहा कि होर्डिंग का डिजाइन दिल्ली से तैयार होकर आया है। उन्होंने इस विषय में फैल रही अन्य चर्चाओं को निराधार बताया और कहा कि संगठन के भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पार्टी द्वारा लिया गया यह निर्णय आगामी चुनावी और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए अहम माना जा रहा है। उनका मानना है कि इससे पार्टी में अनुशासन मजबूत होगा और सार्वजनिक स्तर पर होने वाली बयानबाजी पर लगाम लगेगी।
आगे क्या होगा
भाजपा संगठन ने साफ संकेत दिए हैं कि अब पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि निर्देशों का कितना पालन होता है और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर पार्टी किस तरह आगे बढ़ती है।







