
चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में अग्निवीर जवान की अंत्येष्टि के दौरान विधायक खुशाल सिंह अधिकारी और पाटी थाने के प्रभारी एसओ के बीच हुई कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही विधायक ने इसे उनकी छवि धूमिल करने की साजिश बताते हुए अधूरा वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लोहाघाट क्षेत्र में सोमवार को एक अग्निवीर जवान की अंत्येष्टि के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। भीड़ बढ़ने और व्यवस्थाएं प्रभावित होने के चलते मौके पर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना के बाद इसका एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
क्या हुआ था घटनास्थल पर
विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने बताया कि वह अंत्येष्टि में श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने पर उन्होंने एक जनप्रतिनिधि होने के नाते पाटी थाने के प्रभारी एसओ से व्यवस्थाएं सुधारने का आग्रह किया। विधायक का आरोप है कि इस दौरान प्रभारी एसओ ने उनकी बात का “सही उत्तर नहीं दिया” और उत्तेजित होकर उनके साथ “अशोभनीय व्यवहार” किया, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो की शुरुआत में पुलिस दारोगा का व्यवहार दिखाया ही नहीं गया, जबकि बाद का हिस्सा वायरल कर दिया गया।
वायरल वीडियो पर विधायक की प्रतिक्रिया
विधायक खुशाल सिंह अधिकारी का कहना है कि—
- वायरल वीडियो अधूरा है
- शुरुआत का वह हिस्सा जानबूझकर हटाया गया है जिसमें पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार दिखाई देता
- केवल उनका नाराजगी वाला भाग वायरल किया गया है
- यह उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की “साजिश” है
विधायक ने बताया कि बाद में सीओ शिवराज सिंह राणा और प्रभारी एसओ के साथ वार्ता हुई, जिसमें एसओ ने उन्हें “पहचान न पाने” का कारण बताते हुए अपनी गलती स्वीकार की और माफी भी मांगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तनाव की स्थितियाँ बनती हैं, जिसका असर जनता पर पड़ता है।
एक निवासी ने कहा, “अंत्येष्टि जैसे संवेदनशील समय में ऐसा विवाद होना दुखद है। दोनों पक्षों को संयम रखना चाहिए।”
विधायक की चेतावनी
विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने चेतावनी दी है कि— “जो लोग जानबूझकर अधूरी वीडियो वायरल कर मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
आगे क्या
पुलिस प्रशासन और विधायक पक्ष की बातचीत के बाद तत्काल विवाद शांत हो गया था, लेकिन वायरल वीडियो ने इस मामले को फिर उछाल दिया है। मामले को लेकर जिला प्रशासन से अभी आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली है और अधिकारी संपर्क में नहीं आए।






