
गोपेश्वर में बुधवार को श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश चंद्र के महाविद्यालय पहुंचने पर छात्रों ने परीक्षा मूल्यांकन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध किया। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कुलसचिव का घेराव किया और विश्वविद्यालय स्तर पर हो रही त्रुटियों को लेकर नाराजगी जताई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ समय से श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय द्वारा जारी परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को फेल घोषित कर दिया गया।
क्या हुआ गोपेश्वर में
बुधवार को उच्च शिक्षा सचिव रणजीत सिन्हा गोपेश्वर महाविद्यालय के निरीक्षण हेतु पहुंचे थे। उनके साथ श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश चंद्र भी मौजूद थे। जैसे ही यह जानकारी भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) से जुड़े छात्रों तक पहुंची, वे महाविद्यालय परिसर में एकत्र हो गए।
छात्रों ने कुलसचिव के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और उन्हें घेरकर विश्वविद्यालय में हो रहे मूल्यांकन संबंधी अव्यवस्थाओं पर तीखा विरोध जताया। छात्रों ने आरोप लगाया कि—
- विश्वविद्यालय ने मूल्यांकन में लापरवाही की है
- अनेक विद्यार्थियों को बिना उचित जांच के फेल कर दिया गया
- उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांगें अनसुनी की गईं
स्थानीय प्रतिक्रिया
एक छात्र ने कहा, “विश्वविद्यालय की गलती का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है। जिन विषयों में हमेशा अच्छे अंक आते थे, उनमें भी फेल दिखाया गया है।”
कुछ अभिभावकों ने भी छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि बार-बार मूल्यांकन संबंधी त्रुटियाँ भविष्य के लिए चिंता का विषय हैं।
अधिकारियों की स्थिति
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने छात्रों की समस्याओं को सुना, हालांकि कुलसचिव ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की।
अधिकारी संपर्क में नहीं आए और मामले में प्रतिक्रिया देने से बचते दिखाई दिए।
आगे क्या
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया और उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।






