
देहरादून। दिल्ली में 10 नवंबर की रात लालकिले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण इनपुट मिला है। शुरुआती जांच में साजिशकर्ताओं के तार उत्तराखंड के तराई क्षेत्र से जुड़ने की बात सामने आई है। इंटेलिजेंस की सूचना पर एसटीएफ की टीमें रुड़की, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में गुप्त जांच कर रही हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुख्ता सबूत अभी नहीं मिले हैं, लेकिन निगरानी बढ़ा दी गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लालकिले के पास हुआ कार ब्लास्ट राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसमें कई राज्यों की एजेंसियां जांच कर रही हैं। धमाके के बाद पकड़े गए संदिग्धों के फोन डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालने पर उत्तराखंड से जुड़े कुछ बिंदु जांच के दायरे में आए हैं। इससे पहले भी बड़े मामलों में सीमावर्ती जिलों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आती रही है।
आधिकारिक जानकारी
यूपी एटीएस द्वारा साझा इनपुट के अनुसार, साजिशकर्ताओं के उत्तराखंड से सात संभावित कनेक्शन सामने आए हैं। इनमें प्लेसमेंट एजेंसी संचालक, चिकित्सा कारोबार से जुड़े लोग और कुछ यात्रियों की यात्रा हिस्ट्री शामिल बताई जा रही है।
इंटेलिजेंस के अनुसार, घटना से पूर्व आरोपियों में से एक ने पिछले दो महीनों में देहरादून और हरिद्वार के बीच कम से कम तीन बार यात्रा की थी। एक डिजिटल चैट बैकअप में उत्तराखंड को “सेफ मीटिंग प्वाइंट” बताया गया है।
जांच टीमों को हरिद्वार स्थित एक दुकान से जुड़े ई-वालेट ट्रांजेक्शन का भी सुराग मिला है। इस ट्रांजेक्शन को संदिग्ध गतिविधियों से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक कोई सीधा और पुख्ता सबूत नहीं मिला है। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे और कहा कि सभी इनपुट की जांच की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र के स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस और एसटीएफ की गतिविधियां बढ़ी हुई दिखाई दे रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि कुछ बाजारों में अचानक जांच और पहचान सत्यापन प्रक्रिया भी शुरू की गई है, जिससे सुरक्षा को लेकर सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
संगठन विशेष पर नजर
एसटीएफ और इंटेलिजेंस टीमें रुड़की, मंगलौर और ऊधमसिंह नगर के कुछ धार्मिक स्थलों और संगठनों की गतिविधियों पर नज़र रख रही हैं। सदस्यों के फोन कॉल रिकॉर्ड, यात्रा डेटा और पुराने मामलों की जानकारी भी खंगाली जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी संगठन से सीधा लिंक नहीं मिला है।
बस और ट्रेन रूट की निगरानी
दिल्ली–देहरादून और दिल्ली–हरिद्वार बस रूट के सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है। दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस से उन यात्रियों की सूची मांगी है जिन्होंने धमाके से एक सप्ताह पहले दिल्ली की यात्रा की थी।
रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने अचानक चेकिंग अभियान शुरू किया है, जिसमें संदिग्ध यात्रियों की पहचान की जा रही है।
आधिकारिक टिप्पणी
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा, “दिल्ली बम धमाके से जुड़े फिलहाल पुख्ता सबूत उत्तराखंड में नहीं मिले हैं। हम निगरानी बनाए हुए हैं। कोई भी इनपुट मिलता है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”
आगे क्या
सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखते हुए इंटेलिजेंस और एसटीएफ टीमें डिजिटल ट्रेल, कॉल रिकॉर्डिंग, ई-वालेट डेटा और यात्रा रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में दिल्ली जांच टीम से और जानकारी मिलने पर उत्तराखंड में जांच की दिशा बदल सकती है।






