
ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश में अवैध शराब की तस्करी का एक नया और चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। तस्कर अब पुलिस और आबकारी विभाग की नजरों से बचने के लिए ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के बैग का इस्तेमाल कर रहे हैं। आबकारी विभाग की टीम ने चंद्रेश्वर नगर में छापा मारकर एक ऐसे ही मामले का खुलासा किया, जिसमें ब्लिंकिट कंपनी के बैग से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की गई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश में हाल के महीनों में अवैध शराब बिक्री और तस्करी की घटनाएं बढ़ी हैं। आबकारी विभाग लगातार छापेमारी कर ऐसे कारोबारियों पर शिकंजा कस रहा है। लेकिन इस बार सामने आया तरीका न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ, बल्कि ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम के दुरुपयोग की ओर भी संकेत करता है।
ब्लिंकिट बैग में छिपी थी शराब
आबकारी विभाग की इंस्पेक्टर प्रेरणा बिष्ट को सूचना मिली कि चंद्रेश्वर नगर में अवैध शराब बेची जा रही है। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध दुकान पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां ब्लिंकिट कंपनी का एक डिलीवरी बैग देखा गया। जब टीम ने बैग खोला, तो उसके अंदर से एक पेटी से अधिक अंग्रेजी शराब के क्वार्टर बरामद हुए।
आरोपी ने खुलासा किया तस्करी का तरीका
पकड़े गए दुकानदार अंकित कुमार ने बताया कि वह ऑनलाइन डिलीवरी बैग का इस्तेमाल इसलिए करता था ताकि कोई उसे पकड़ न सके। इस बैग को लेकर वह शहर के बीच से आसानी से गुजर जाता था और लोगों को लगता था कि वह ऑनलाइन ऑर्डर डिलीवर कर रहा है। इंस्पेक्टर प्रेरणा बिष्ट ने बताया कि आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह कुछ समय से इसी तरीके से अवैध शराब बेच रहा था।
महिला इंस्पेक्टर की टीम ने किया ऑपरेशन
आबकारी विभाग की टीम ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ अवैध शराब विक्रय अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
इंस्पेक्टर प्रेरणा बिष्ट ने कहा —
“हमें मुखबिर से सूचना मिली थी। जांच के दौरान ब्लिंकिट कंपनी के बैग में बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब मिली। आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ अभियान लगातार चलता रहेगा।”
स्थानीय व्यापारियों की प्रतिक्रिया
ऋषिकेश नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा ने कहा कि “ऑनलाइन खरीदारी की बढ़ती प्रवृत्ति का अब कुछ लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। ब्लिंकिट बैग के दुरुपयोग से धार्मिक नगरी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।”
उन्होंने आबकारी विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगरानी और सख्ती जरूरी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “अब जब तस्कर डिलीवरी बैग का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आम जनता के लिए भी पहचान मुश्किल हो गई है। प्रशासन को सख्ती करनी होगी ताकि इस तरह के मामलों पर तुरंत रोक लगाई जा सके।”
आगे की कार्रवाई
आबकारी विभाग अब यह जांच कर रहा है कि क्या आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। इसके अलावा, इस मामले में ऑनलाइन डिलीवरी ब्रांड के नाम के दुरुपयोग की भी जांच की जाएगी। विभाग ने ऐसे सभी संदिग्ध दुकानों पर नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं।







