
उत्तरकाशी: भैयादूज के अवसर पर आज यमुनोत्री धाम में मां यमुना मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ छह माह के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने से पहले पारंपरिक रीति के अनुसार मंदिर का खजाना खोला गया और विशेष पूजा-अर्चना की गई।
इस वर्ष यमुनोत्री धाम में करीब 6 लाख 45 हजार श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और चढ़ावा अर्पित किया। यात्रा काल के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक के रूप में मंदिर समिति को लगभग 50 लाख रुपये की आय हुई।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल और सचिव सुनील उनियाल ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस बार यात्रियों की संख्या में हल्की कमी दर्ज की गई, जिसका असर आय पर भी पड़ा। बावजूद इसके, भक्तों की आस्था और श्रद्धा पूरे उत्साह के साथ देखने को मिली।
मंदिर समिति ने बताया कि दान पात्रों और रसीद बुकों के माध्यम से प्राप्त चढ़ावे की राशि मंदिर के रखरखाव और धार्मिक आयोजनों में खर्च की जाएगी। अब मां यमुना की डोली शीतकालीन प्रवास के लिए खरसाली गांव पहुंच चुकी है, जहां अगले छह महीने तक उनकी पूजा-अर्चना होगी।







