
उत्तरकाशी: डामटी–थूनार गांव में देर रात तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग से परिवार को भारी नुकसान झेलना पड़ा। रात करीब तीन बजे उठी आग की लपटों ने पूरा मकान मलबे में बदल दिया, जबकि कई पालतू जानवर भी इसकी चपेट में आ गए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएँ अक्सर बड़ी जान–माल हानि का कारण बनती हैं, खासकर सर्दियों के मौसम में जब लकड़ी और गैस के इस्तेमाल में बढ़ोतरी होती है। डामटी–थूनार गांव की यह घटना भी ऐसी ही एक त्रासदी बनकर सामने आई है, जिसने पूरे गांव को दहला दिया।
घटना का विवरण
हरपाल सिंह राणा के तीन मंजिला आवासीय भवन में अचानक आग भड़क उठी। परिवार को आग का पता तब चला जब लपटें तेजी से ऊपर उठने लगीं और घर की छत धधकने लगी। आसपास के लोगों ने शोर सुनते ही मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही समय में पूरा मकान ढह गया।
आग ने घर का पूरा सामान जला दिया। पशुधन भी इसकी चपेट में आ गया, जिसमें चार बकरियाँ, पंद्रह मुर्गे और दो खरगोश जलकर मर गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात भर चीख–पुकार और अफरा–तफरी का माहौल रहा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
गांव के लोगों ने कहा कि आग इतनी तेज थी कि कोई सामान बचाने का मौका ही नहीं मिला। ग्रामीणों ने अपनी ओर से भरपूर प्रयास किए, लेकिन पानी और साधनों की कमी के कारण flames को काबू नहीं किया जा सका।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में अक्सर पूरा परिवार वर्षों की कमाई गंवा देता है, जिसे संभालने में लंबा समय लगता है।
अधिकारीक जानकारी
सूचना मिलते ही राजस्व उपनिरीक्षक की टीम मौके के लिए रवाना हुई और क्षति का प्राथमिक आकलन शुरू कर दिया। प्रशासन ने कहा है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवार को उचित राहत दी जाएगी।
आगे क्या?
प्राथमिक जांच में आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर आशंका है कि आग लकड़ी के स्टोर या रसोई क्षेत्र से शुरू हो सकती है। राजस्व विभाग विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा।






