
देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में सोमवार को हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से सड़कों और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित बना हुआ है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बीते दिनों हुई बर्फबारी के बाद कई पर्वतीय मार्ग बाधित हैं। लगातार बदलते मौसम के कारण सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में आवाजाही चुनौती बनी हुई है। प्रशासन मार्ग बहाली और आवश्यक सेवाओं को दुरुस्त करने में जुटा है।
आधिकारिक जानकारी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना अधिक है। 29 जनवरी तक पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। 30 जनवरी को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि 31 जनवरी को एक बार फिर मौसम में बदलाव हो सकता है।
बंद मार्गों की स्थिति
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक बारिश और बर्फबारी के बाद प्रदेश में दो बॉर्डर रोड, एक राज्यमार्ग, दो जिला मार्ग और कुल 31 मार्ग बंद हैं। देहरादून जिले में एक राज्यमार्ग, दो जिला मार्ग और 17 ग्रामीण मार्ग प्रभावित हैं। पिथौरागढ़ में दो बॉर्डर रोड और तीन ग्रामीण मार्ग, टिहरी में दो तथा उत्तरकाशी में चार ग्रामीण मार्ग बंद बताए गए हैं।
हाईवे और बिजली आपूर्ति
शुक्रवार को हुई बर्फबारी के बाद गंगोत्री हाईवे तीसरे दिन भी सुचारू नहीं हो सका। वहीं यमुनोत्री हाईवे को रविवार को करीब 52 घंटे बाद खोल दिया गया। गढ़वाल क्षेत्र में 20 से अधिक ग्रामीण मार्ग अब भी बंद हैं और कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित बनी हुई है। रविवार को मौसम खुलने पर प्रशासनिक टीमें दिनभर मार्ग खोलने और बिजली बहाल करने में जुटी रहीं।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने मौसम सामान्य रहने पर बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने और प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।







