
देहरादून। त्यूणी तहसील के राजस्व क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भूठ में दिसंबर माह में तीन युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब जांच तेज कर दी गई है। पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। यह कदम मृतकों के परिजनों द्वारा लगातार हत्या की आशंका जताने और मामले को रेगुलर पुलिस को सौंपने की मांग के बाद उठाया गया है। अब एसआईटी पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच करेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
छह दिसंबर 2025 को भवन निर्माण के सिलसिले में मजदूरी करने आए तीन श्रमिकों की त्यूणी क्षेत्र में कमरे में सोते समय संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। प्रारंभिक तौर पर तीनों की मौत रसोई गैस सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण दम घुटने से होना बताया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने जब कमरे का दरवाजा खोला तो भीतर गैस की तेज गंध फैली हुई थी और तीनों युवक मृत अवस्था में पड़े थे।
मृतकों की पहचान 35 वर्षीय प्रकाश और 25 वर्षीय संजय, दोनों सगे भाई, निवासी डिरनाड तहसील त्यूणी तथा 25 वर्षीय संदीप निवासी पटियूड तहसील त्यूणी के रूप में हुई थी। चूंकि मामला राजस्व क्षेत्र का था, इसलिए प्रारंभिक विवेचना राजस्व पुलिस द्वारा की जा रही थी।
आधिकारिक जानकारी
मृतकों के स्वजनों द्वारा लगातार हत्या की आशंका जताने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व बयानों में कुछ साक्ष्य सामने आने के बाद प्रकरण को राजस्व पुलिस से हटाकर रेगुलर पुलिस को सौंप दिया गया। 11 जनवरी को यह मामला थानाध्यक्ष त्यूणी को स्थानांतरित किया गया। इसके बाद दो दिन के भीतर ही विस्तृत जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई।
एसआईटी का गठन पुलिस अधीक्षक विकासनगर पंकज गैरोला के नेतृत्व में किया गया है। टीम में क्षेत्राधिकारी विकासनगर भास्कर लाल शाह और कोतवाली विकासनगर के निरीक्षक विनोद गुसाईं को शामिल किया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही कमरे में तीन युवकों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके और किसी निर्दोष को न्याय से वंचित न होना पड़े।
परिजनों की पीड़ा
मंगलवार को मृतक युवकों के स्वजन गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक से मिले और एसआईटी जांच की मांग की। स्वजनों ने बताया कि तीनों युवक अपने-अपने परिवारों के एकमात्र कमाने वाले थे। उनकी मौत के बाद परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी और छोटे बच्चों की परवरिश का संकट खड़ा हो गया है।
जांच में अहम साक्ष्य
पुलिस के अनुसार मृतकों का विसरा सुरक्षित रखा गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत वास्तव में दम घुटने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। एसआईटी को सभी पहलुओं, तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।







