
श्रीनगर (गढ़वाल): पौड़ी जिले के श्रीनगर गढ़वाल में हरियाणा से आए पर्यटकों और स्थानीय युवाओं के बीच वाहन ओवरटेक को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पर्यटन सीजन के दौरान उत्तराखंड के कई शहरों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद की घटनाएं सामने आ रही हैं। श्रीनगर गढ़वाल में हुआ ताजा मामला भी सड़क पर वाहन संचालन से जुड़ा है, जिसने देखते ही देखते कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौती दे दी।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद मामला श्रीनगर कोतवाली पहुंचा, जहां आक्रोशित भीड़ जमा हो गई थी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और मामला फिलहाल कोतवाली में विचाराधीन है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हरियाणा से आए पर्यटक कथित तौर पर गलत दिशा से वाहन चला रहे थे। स्कूटी सवार स्थानीय युवाओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद कहासुनी शुरू हुई और फिर मारपीट हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात नियमों का पालन करना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
आंकड़े / तथ्य
घटना के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी।
पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है, कोई गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है।
अल्मोड़ा की घटना से जुड़ा संदर्भ
दो दिन पहले अल्मोड़ा के मॉल रोड क्षेत्र में भी पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी। बताया गया कि हरियाणा नंबर की गाड़ी से सड़क पर कूड़ा फेंकने का विरोध करने पर विवाद बढ़ा। आरोप है कि गाड़ी में सवार दो महिलाओं ने स्थानीय युवक से धक्का-मुक्की की, जिसके बाद भीड़ जुट गई और मामला बिगड़ने से पहले वाहन वहां से चला गया।
आगे क्या होगा
पुलिस प्रशासन के अनुसार, श्रीनगर की घटना की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है। प्रशासन ने पर्यटकों से भी स्थानीय नियमों और संवेदनशीलता का सम्मान करने का अनुरोध किया है।







