
सिमली: सिमली स्थित श्री राज राजेश्वरी चंडिका देवी मंदिर के कपाट आज सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। माघ माह की संक्रांति के अवसर पर 15 दिनों के लिए मंदिर के कपाट बंद किए गए थे, जिसके बाद आज विधिविधान के साथ कपाटोद्घाटन संपन्न हुआ। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उपस्थित रहे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
माघ संक्रांति के दौरान परंपरा के अनुसार श्री राजराजेश्वरी चंडिका देवी मंदिर के कपाट अस्थायी रूप से बंद किए जाते हैं। इस अवधि में मंदिर में नियमित दर्शन स्थगित रहते हैं। निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद आज मंदिर के कपाट पुनः खोल दिए गए, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले भक्तों में उत्साह देखने को मिला।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत टकोला ने जानकारी दी कि कपाटोद्घाटन की सभी धार्मिक प्रक्रियाएं विधिवत रूप से संपन्न की गईं। कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई और परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय श्रद्धालुओं ने बताया कि 15 दिनों के बाद कपाट खुलने से क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां फिर से सक्रिय हो गई हैं। भक्तों का कहना है कि मां चंडिका देवी के दर्शन से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और आस्था का संचार होता है।







