
रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती के विरोध में झबरेड़ा विधानसभा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति का गुस्सा सड़कों पर दिखा। ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से बाधित विद्युत आपूर्ति से परेशान जनता की शिकायतों के बाद विधायक ने मंगलवार को बिजली विभाग के अधिकारियों के परिसरों की बिजली खुद खंभे पर चढ़कर काट दी। इस दौरान वे लाइनमैन की तरह प्लास पकड़े नजर आए। विधायक का कहना है कि जब तक व्यवस्था नहीं सुधरेगी, जिम्मेदारों पर दबाव बनता रहेगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
झबरेड़ा और आसपास के देहात क्षेत्रों में सुबह-शाम की कटौती से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की स्वास्थ्य जरूरतें और रोजमर्रा के काम बाधित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। विधायक ने करीब 15 दिन पहले विद्युत विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की थी।
आधिकारिक जानकारी
विधायक के अनुसार, अधीक्षण अभियंता को एक सप्ताह की समय-सीमा दी गई थी और चेतावनी भी दी गई थी कि सुधार नहीं होने पर विरोधात्मक कदम उठाया जाएगा। समय-सीमा बीतने और अभियंता के तबादले के बाद भी आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 23 दिसंबर को विधायक रुड़की में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और अन्य अधिकारियों के आवासों पर पहुंचे और बिजली आपूर्ति काटी। विभाग की ओर से इस कार्रवाई पर कोई लिखित प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिकारी संपर्क में नहीं आए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से कटौती से वे परेशान हैं और शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा था। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस विरोध के बाद विभाग व्यवस्था सुधारने पर मजबूर होगा।
आंकड़े / तथ्य
विधायक के मुताबिक, बीते कई हफ्तों से देहात क्षेत्रों में नियमित कटौती हो रही है। सुबह और शाम के समय आपूर्ति बाधित रहने से कामकाज और पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
आगे क्या होगा
विधायक वीरेंद्र जाति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो जेई, एसडीओ समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की बिजली लाइन भी काटी जाएगी। उनका कहना है कि जनता के अधिकार की बिजली किसी की मर्जी पर नहीं चलने दी जाएगी।






