
रामनगर/हल्द्वानी: नैनीताल जिले के रामनगर में जिला विकास प्राधिकरण (DDA) के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में कई जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर ग्रामीण क्षेत्रों से प्राधिकरण समाप्त करने की मांग की। इसी दिन हल्द्वानी में सुशीला तिवारी अस्पताल के उपनल कर्मियों ने समान कार्य समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड के कई इलाकों में जिला विकास प्राधिकरण (DDA) के नियमों को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण से जुड़े कठोर नियमों, अनुमति प्रक्रिया और शुल्कों के कारण जनता परेशान है। रामनगर में यह विरोध अब जनांदोलन का रूप लेने लगा है।
रामनगर में विरोध प्रदर्शन
ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि प्राधिकरण “भ्रष्टाचार का अड्डा” बन चुका है।
नेगी ने कहा कि रामनगर विधानसभा के करीब 25 ग्रामीण इलाकों में प्राधिकरण लागू है, जिससे ग्रामीणों को घर, लोन और निर्माण कार्यों के लिए अनुमति नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि “गांव पहले से ही फॉरेस्ट लैंड और फलपट्टी क्षेत्र में आते हैं, और अब प्राधिकरण के नियमों ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।”
जनप्रतिनिधियों की मांग और चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर ग्रामीण इलाकों से प्राधिकरण को हटाने की मांग की। संजय नेगी ने कहा, “यदि जल्द ही सरकार ने इस मांग पर निर्णय नहीं लिया, तो हमें उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।”
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला विकास प्राधिकरण के सचिव विजयनाथ शुक्ला ने कहा कि अब तक किसी भी एकल आवासीय कॉलोनी का चालान नहीं किया गया है और विभाग पूरी तरह नियमों के तहत काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि “मामले की जांच की जाएगी और किसी को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा।”
हल्द्वानी: उपनल कर्मियों का प्रदर्शन
हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत उपनल कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों कर्मचारी अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे और “समान कार्य समान वेतन” की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि वे वर्षों से अस्पतालों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन नियमित कर्मचारियों की तुलना में उन्हें बेहद कम वेतन दिया जा रहा है।
वार्ता और सरकार से उम्मीद
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि शासन के साथ सचिव स्तर पर वार्ता जारी है और सरकार ने एक महीने का समय मांगा है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक इस संबंध में ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वार्ता से संतोषजनक परिणाम नहीं निकला, तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “रामनगर और हल्द्वानी दोनों जगह जनता अपनी समस्याओं से परेशान है — एक तरफ प्राधिकरण का दबाव और दूसरी ओर कर्मचारियों का शोषण। सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।”
आगे क्या
रामनगर में जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को शासन स्तर पर भेजा जाएगा। वहीं, उपनल कर्मियों की वार्ता अगले सप्ताह फिर होने की संभावना है।





