
श्रीनगर: उत्तराखंड में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों के बीच पौड़ी जनपद के श्रीनगर क्षेत्र से वन्यजीव तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने गुलदार की खाल बेचने के इरादे से श्रीनगर पहुंचे चार आरोपियों को एक होटल से गिरफ्तार किया है। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में गुलदार की खाल बरामद की गई, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई वन्यजीव अपराधों पर सख्ती के संदेश के रूप में देखी जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में गुलदार सहित कई वन्यजीव संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इसके बावजूद अवैध शिकार और तस्करी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों से न केवल जैव विविधता को नुकसान पहुंचता है, बल्कि कानून-व्यवस्था की चुनौती भी बढ़ती है।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि कुछ लोग गुलदार की खाल की तस्करी के उद्देश्य से श्रीनगर पहुंचे हैं और होटल में ठहरे हुए हैं। इस पर श्रीनगर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने विभिन्न होटलों में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान एक कमरे से चार अभियुक्त—सफारी लाल, सुरजन लाल, रोशन लाल और बसंतू लाल—को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से एक गुलदार की खाल बरामद हुई। कोतवाली श्रीनगर में आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों ने भी बताया कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए।
आंकड़े / तथ्य
प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्त सफारी लाल ने बताया कि वह और बसंतू लाल आपस में चाचा-भतीजा हैं और कुछ माह पूर्व अपने गांव के समीप जंगल में गुलदार का शिकार किया गया था। रोशन लाल और सुरजन लाल खाल को लाखों रुपये में खरीदने के इच्छुक थे और सौदेबाजी के लिए खाल को श्रीनगर लाया गया था।
आगे क्या होगा
पुलिस ने बताया कि आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की गहन जांच जारी है और भविष्य में भी वन्यजीव अपराधों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।






