
मुनिकीरेती–ढालवाला (टिहरी गढ़वाल): मुनिकीरेती–ढालवाला नगर पालिका परिषद के खिलाफ मंगलवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक भवन के टेंडर को तत्काल निरस्त करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि नगर पालिका अधिकारी मनमाने ढंग से अपने चहेतों को टेंडर दिला रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की गई और जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल को ज्ञापन भेजा गया। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर टेंडर निरस्त नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
युवा कांग्रेस का कहना है कि नगर पालिका द्वारा बीते एक वर्ष में दो टेंडर किए गए। पहले पार्किंग से जुड़ा टेंडर किया गया, जिसमें तकनीकी समिति द्वारा दो निविदादाताओं को योग्य ठहराने और निविदा समिति की संस्तुति के बावजूद टेंडर निरस्त कर दिया गया। आरोप है कि बाद में विरोध के बाद उसी टेंडर को आगे बढ़ाकर अनुबंध प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाया जा सके।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
युवा कांग्रेस के राज्य महासचिव अंशुल रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल नगर पालिका परिषद पहुंचा और अधिशासी अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मौजूदा सामुदायिक भवन के टेंडर को निरस्त कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी निविदादाताओं पर समान नियम लागू किए जाएं।
इस पूरे मामले पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि टेंडर प्रक्रियाओं में पारदर्शिता न होने से नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि विकास कार्यों में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
आगे क्या होगा
युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 दिनों के भीतर टेंडर निरस्त नहीं किया गया और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो नगर पालिका मुनिकीरेती कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया जाएगा। संगठन ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि नियमों के समान और पारदर्शी पालन को सुनिश्चित करना है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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