
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माण और गैरकानूनी प्लॉटिंग के खिलाफ गुरुवार को व्यापक अभियान चलाया। कैम्पटी–मसूरी, हर्बर्टपुर और सेलाकुई सहित कई क्षेत्रों में टीमों ने अवैध ढांचों को ध्वस्त किया और बिना स्वीकृत मानचित्र वाले निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग में तेजी देखी जा रही है। इससे न केवल शहरी विकास योजना प्रभावित होती है, बल्कि नागरिकों को भविष्य में कानूनी विवादों का सामना भी करना पड़ सकता है। अवैध निर्माण रोकने के लिए एमडीडीए समय-समय पर अभियान चलाता है।
आधिकारिक जानकारी
एमडीडीए की टीमों ने कैम्पटी–मसूरी क्षेत्र में अवैध निर्माणों को सील किया और कई स्थानों पर ढांचों को हटाया।
हर्बर्टपुर में 20 बीघा, कल्याणपुर पोंटा रोड में 15–20 बीघा, और सेरपुर–सेलाकुई में लगभग 30 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, “प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे आवासीय और व्यावसायिक निर्माणों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।”
उन्होंने नागरिकों से भी सतर्क रहने और संपत्ति खरीदने से पहले विधिक स्थिति अवश्य जांचने की अपील की।

स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध प्लॉटिंग से आसपास के क्षेत्रों में अव्यवस्थित विकास बढ़ रहा है।
व्यापारियों ने बताया कि समय-समय पर की जाने वाली कार्रवाई से पहचानने योग्य जमीन की स्थिति साफ रहती है और धोखाधड़ी की आशंका कम होती है!
संख्या / तथ्य
- कुल 70 बीघा से अधिक भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
- कैम्पटी–मसूरी क्षेत्र में कई अवैध निर्माण सील किए गए।
- पोंटा रोड, हर्बर्टपुर, सेलाकुई में त्वरित कार्रवाई।
आगे क्या?
एमडीडीए आगे भी नियमित निरीक्षण जारी रखेगा। उपाध्यक्ष तिवारी के निर्देश पर सभी प्राधिकरण क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। आगामी महीनों में निगरानी और डिजिटल मॉनिटरिंग को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।




