
हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में मंगलवार देर शाम पत्रकार पर बदमाशों द्वारा किए गए जानलेवा हमले से सनसनी फैल गई। पत्रकार उस वक्त सरकारी सिंचाई नहर पर हुए अतिक्रमण की रिपोर्टिंग कर रहा था, जब दो बदमाशों ने उस पर हमला कर उसे करीब 10 फीट गहरी नहर में फेंक दिया। गंभीर रूप से घायल पत्रकार को स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, जबकि पुलिस ने देर रात दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हल्द्वानी शहर में पिछले कुछ समय से सिंचाई नहर किनारे अवैध कब्जों और निर्माणों की शिकायतें मिल रही थीं। इसी मामले की कवरेज करने मंगलवार देर शाम एक निजी समाचार चैनल के पत्रकार दीपक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। घटना ने न सिर्फ मीडिया जगत बल्कि पूरे शहर को झकझोर दिया है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, दीपक अधिकारी ऊंचा पुली स्थित नहर किनारे अतिक्रमण की खबर बना रहे थे। तभी दो युवक मौके पर पहुंचे और उनसे अभद्रता करने लगे। थोड़ी देर में विवाद बढ़ा और दोनों बदमाशों ने पत्रकार के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें धक्का देकर करीब 10 फीट गहरी नहर में फेंक दिया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाया और किसी तरह दीपक को बाहर निकाला। उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और रातभर जांच अभियान चलाया।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया — “मंगलवार शाम पत्रकार दीपक अधिकारी के साथ मारपीट के मामले में दोनों आरोपियों को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस के मुताबिक, हमले में शामिल दोनों आरोपी स्थानीय बदमाश प्रवृत्ति के हैं और पहले भी विवादों में शामिल रहे हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद हल्द्वानी में पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में रोष फैल गया है। स्थानीय पत्रकारों ने प्रशासन से हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा कि “यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला है।”
नहर किनारे अतिक्रमण के मुद्दे पर पहले भी कई रिपोर्टें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिसके बाद यह घटना और अधिक संवेदनशील हो गई है।
आगे क्या
पुलिस ने कहा है कि इस मामले को गंभीर अपराध की श्रेणी में लेकर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सिंचाई नहर किनारे अतिक्रमण से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।






