
नैनीताल: उत्तराखंड में एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग (EVCL) के नाम पर पूर्व विधायक समेत अन्य लोगों से करीब 32 लाख रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार आयोजक विकास ढाका की याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से रिमांड शीट की प्रतिलिपि न्यायालय में दाखिल करने को कहा है। यह मामला गिरफ्तारी की प्रक्रिया और पुलिस कस्टडी को लेकर उठे सवालों के कारण अहम माना जा रहा है। अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह मामला हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग से जुड़ा है। यह लीग 1 फरवरी 2026 से शुरू होनी थी, जिसमें उत्तराखंड सोल्जर्स, दिल्ली नाइट्स, मसूरी किंग्स, यूपी वॉरियर्स, हल्द्वानी टाइगर्स और वाराणसी वाइपर्स जैसी टीमों के मुकाबले प्रस्तावित थे।
आयोजन के तहत ओपनिंग सेरेमनी में लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां भी तय थीं, लेकिन निर्धारित समय पर मैच शुरू नहीं हो पाए।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ में हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सौरभ पांडे ने दलील दी कि जिन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, उनमें सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान है और इसके बावजूद अवैध कस्टडी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास ढाका को सुबह 11:30 बजे तक थाने में बैठाए रखा गया, रात 9 बजे एफआईआर दर्ज की गई और रिमांड शीट में गिरफ्तारी अगले दिन सुबह 4 बजे दर्शाई गई।
कोर्ट ने इन दलीलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को रिमांड शीट की प्रति पेश करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
क्रिकेट प्रेमियों और स्थानीय आयोजकों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण से खेल आयोजनों की साख को नुकसान पहुंचा है। कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में आयोजकों की पृष्ठभूमि और आर्थिक लेनदेन की पहले से कड़ी जांच जरूरी है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
बीते कुछ वर्षों में प्रदेश में निजी स्तर पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के नाम पर ठगी के आरोप सामने आते रहे हैं। इन मामलों में आयोजकों पर खिलाड़ियों और निवेशकों को गुमराह करने के आरोप लगे हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस द्वारा रिमांड शीट न्यायालय में पेश किए जाने के बाद अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी। फिलहाल आरोपी विकास ढाका की जमानत पर कोई राहत नहीं मिली है और मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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