
यमकेश्वर: उत्तराखंड के यमकेश्वर विकासखंड के माला गांव में स्थित श्री धन्वंतरि धाम वर्ल्ड हर्बल हिमालय में रविवार को प्रथम धन्वंतरि महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी, योगगुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आयुर्वेद की महत्ता पर प्रकाश डाला। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक संगीत के बीच भगवान धन्वंतरि की आराधना के साथ यह महोत्सव भव्य रूप से संपन्न हुआ।
आयुर्वेद: संस्कृति और आत्मनिर्भरता का आधार
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने कहा, “आयुर्वेद हमारी संस्कृति, आस्था और आत्मनिर्भरता का आधार है। उत्तराखंड की पवित्र भूमि औषधीय वनस्पतियों और योग परंपरा की धरोहर रही है। श्री धन्वंतरि धाम जैसे प्रयास हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और भारत की प्राचीन चिकित्सा प्रणाली को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
आयुर्वेद को घर-घर पहुंचाने का संकल्प
योगगुरु बाबा रामदेव ने आयुर्वेद को भारत की आत्मा बताते हुए कहा, “पतंजलि योगपीठ का संकल्प है कि आयुर्वेद को हर घर तक पहुंचाया जाए। आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद के समन्वय से ही सच्चा स्वास्थ्य संभव है। श्री धन्वंतरि धाम वर्ल्ड हर्बल हिमालय को विश्व का सर्वश्रेष्ठ औषधीय ज्ञान केंद्र बनाया जाएगा।”
आचार्य बालकृष्ण ने परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया, “यहां दुर्लभ हिमालयी औषधीय पौधों का संरक्षण, अनुसंधान और प्रसंस्करण किया जाएगा। हर्बल गार्डन, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग प्रशिक्षण संस्थान और वनस्पति अनुसंधान प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।”
आयुर्वेद का वैश्विक पुनर्जागरण
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा, “आयुर्वेद भारतीय संस्कृति की जड़ों से उपजा विज्ञान है, जो अब विश्व पटल पर अपनी अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। उत्तराखंड इस पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा।”
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्री धन्वंतरि धाम को ज्ञान, विज्ञान और साधना का जीवंत केंद्र बताते हुए कहा, “यह केवल औषधीय पौधों का उद्यान नहीं, बल्कि विश्व कल्याण की संकल्पना को साकार करने वाला केंद्र है। उत्तराखंड सरकार आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीतियों पर काम कर रही है, जिससे युवाओं को रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।”







