
देहरादून में त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में फरार चल रहे नेपाल निवासी मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी को भारत लाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपी की लोकेशन नेपाल में ट्रेस होने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने विशेष रणनीति के तहत एसटीएफ और एसओजी को सक्रिय किया है। हालांकि, भारत-नेपाल संधि से जुड़ी कानूनी अड़चनों के चलते आरोपी को सीधे लाना संभव नहीं हो पाया, जिसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय समन्वय और छात्र सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल सामने आए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यह मामला 9 दिसंबर का है, जब देहरादून में विवाद के दौरान एंजेल चकमा पर चाकू और कड़े से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर दो नाबालिगों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, नेपाल निवासी यज्ञराज अवस्थी वारदात के बाद देश से फरार हो गया, जिससे जांच एक अंतरराष्ट्रीय मोड़ पर पहुंच गई।
आधिकारिक जानकारी
देहरादून पुलिस के अनुसार, आरोपी की लोकेशन नेपाल में ट्रेस कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ को विशेष रूप से तैनात किया गया है, जबकि सहयोग के लिए एसओजी की टीमें नेपाल भेजी गई हैं।
हालांकि, नेपाल से भारत लाने में कानूनी संधि से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं, जिसके चलते देहरादून पुलिस ने आरोपी के खिलाफ औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए नेपाल सरकार से संपर्क किया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्र की हत्या ने शहर में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कुछ छात्रों और अभिभावकों ने बताया कि बाहर से पढ़ाई के लिए आने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा पर प्रशासन को और सख्ती दिखानी चाहिए।
संख्या / तथ्य
इस मामले में कुल सात आरोपी सामने आए, जिनमें से दो नाबालिग हैं। घटना के 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी घटना के बाद नेपाल फरार हो गया।
आगे क्या होगा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रत्यर्पण से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरोपी को भारत लाने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है ताकि कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।





