
देहरादून: देहरादून में एक और आवासीय परियोजना में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकी साहनी की अदालत ने कमल प्रिया ट्रैंकिल स्पेसेस नामक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े छह बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। आरोप है कि फ्लैट खरीदारों से लाखों से लेकर करोड़ों रुपये लेने के बावजूद या तो रजिस्ट्री नहीं की गई, या फिर रजिस्ट्री में अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया गया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पटेलनगर निवासी ललित सभरवाल, डोईवाला निवासी विनोद प्रसाद और मसूरी डायवर्जन निवासी श्वेता शर्मा ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, परियोजना का प्रचार इस आधार पर किया गया कि खरीदारों को फ्लैट के साथ भूमि में अविभाजित हिस्सा मिलेगा, कॉमन एरिया में स्वामित्व होगा और यह एक स्वतंत्र प्रोजेक्ट होगा, जिसके पीछे कोई अन्य निर्माण नहीं किया जाएगा। इस परियोजना के तहत कुल 35 फ्लैट बनाए जाने थे।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया तथ्यों को गंभीर मानते हुए डालनवाला थाने को निर्देश दिए कि तेगबहादुर रोड निवासी कंवल किशोर जुनेजा, उनकी पत्नी पूजा जुनेजा, पिरुपति जुनेजा, मैसर्स सूर्या इंफ्राटेक, रेसकोर्स निवासी प्रभजोत सिंह साहनी और रनबीर साहनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जाए।
खरीदारों के आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ललित सभरवाल के फ्लैट की कीमत 1.48 करोड़ रुपये, विनोद प्रसाद के फ्लैट की कीमत 2.27 करोड़ रुपये और श्वेता शर्मा के फ्लैट की कीमत 1.72 करोड़ रुपये तय की गई थी।
ललित सभरवाल और विनोद प्रसाद ने करीब 28 लाख रुपये एडवांस के रूप में जमा कर दिए थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी रजिस्ट्री नहीं की गई। वहीं, श्वेता शर्मा से करीब पौने दो करोड़ रुपये की पूरी रकम लेकर रजिस्ट्री तो की गई, लेकिन उसमें अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया गया।
आंकड़े और तथ्य
शिकायत में यह भी सामने आया कि परियोजना का पूर्णता प्रमाणपत्र एमडीडीए से प्राप्त किया गया था। नियमानुसार, प्रमाणपत्र मिलने के तीन माह के भीतर फ्लैट की सेल डीड खरीदार के नाम होनी चाहिए थी, लेकिन यह प्रक्रिया ललित सभरवाल और विनोद प्रसाद के मामले में पूरी नहीं की गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और रियल एस्टेट से जुड़े जानकारों का कहना है कि देहरादून में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से खरीदारों का भरोसा कमजोर हो रहा है। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट की मार्केटिंग और जमीनी हकीकत में अंतर के कारण आम लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
आगे क्या होगा
कोर्ट के आदेश के बाद डालनवाला पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर जांच शुरू की जाएगी। जांच के दौरान दस्तावेजों, भुगतान विवरण और अनुबंध की शर्तों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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