
देहरादून: उत्तराखंड में रोजगार की तलाश कर रहे पूर्व सैनिकों के लिए एक बड़ी पहल की जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत महानिदेशालय पुनर्वास द्वारा 13 फरवरी को देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह ग्राउंड में विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले का उद्देश्य पूर्व सैनिकों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें कॉरपोरेट और औद्योगिक क्षेत्र में उपयुक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। रोजगार मेला सुबह 7 बजे से शुरू होगा और इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सेना, नौसेना और वायुसेना से सेवानिवृत्त होने वाले कई पूर्व सैनिक सेवा के बाद भी सक्रिय रूप से रोजगार की तलाश करते हैं। उनकी अनुशासनबद्ध कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दक्षता को निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में अहम माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
यह रोजगार मेला महानिदेशालय पुनर्वास के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। मेले में सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रबंधन और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों की प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी। मेले के दौरान पूर्व सैनिकों को सीधे नियोक्ताओं के सामने अपनी योग्यता और अनुभव प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पूर्व सैनिक संगठनों का कहना है कि इस तरह के रोजगार मेले से राज्य के हजारों पूर्व सैनिकों को लाभ मिल सकता है।
उनका मानना है कि देहरादून जैसे सैन्य पृष्ठभूमि वाले शहर में इस आयोजन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
आंकड़े / तथ्य
वित्तीय वर्ष 2025–26 में डीजीआर द्वारा देशभर में कुल 18 रोजगार मेलों के आयोजन की योजना बनाई गई है।
अब तक दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, लखनऊ, वाराणसी, कोलकाता, सिकंदराबाद, जम्मू, भोपाल, कोच्चि और गुवाहाटी सहित 13 शहरों में ऐसे रोजगार मेले आयोजित किए जा चुके हैं।
आगे क्या होगा
रोजगार मेले में चयनित उम्मीदवारों के साक्षात्कार और चयन की प्रक्रिया मौके पर ही पूरी की जाएगी। नियोक्ताओं को योग्य और अनुभवी पूर्व सैनिकों के बायोडाटा निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे दोनों पक्षों के लिए चयन प्रक्रिया सरल और प्रभावी होने की उम्मीद है।







