
धर्म डेस्क: Basant Panchami 2026 का पर्व केवल एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि ज्ञान, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा हुआ दिन माना जाता है। इसी दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत होती है और माता सरस्वती की आराधना कर शिक्षा, कला और बुद्धि की उन्नति की कामना की जाती है। ऋषिकेश सहित पूरे उत्तराखंड में इस दिन विशेष पूजा, व्रत और सांस्कृतिक परंपराएँ निभाई जाती हैं।
लेकिन जितना महत्व इस दिन शुभ कार्यों का है, उतना ही ध्यान वसंत पंचमी पर क्या न करें इस पर भी देना जरूरी माना जाता है। शास्त्रों और लोक परंपराओं में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं, जिनसे बचने पर ही माता सरस्वती की कृपा बनी रहती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
वसंत पंचमी पर इन कार्यों से क्यों बचना चाहिए
वसंत पंचमी ज्ञान और शुद्धता का प्रतीक पर्व है। इस दिन किए गए गलत कार्य मन, शरीर और वातावरण की ऊर्जा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए आस्था के साथ-साथ व्यवहारिक समझ भी जरूरी मानी जाती है।
काले वस्त्र पहनना
इस दिन पीले या हल्के रंगों को शुभ माना जाता है। काला रंग नकारात्मकता और शोक का प्रतीक समझा जाता है, इसलिए वसंत पंचमी 2026 के दिन इसे पहनने से बचना बेहतर माना जाता है।
पूजा से पहले भोजन करना
अधिकांश घरों में इस दिन पूजा से पहले उपवास रखने की परंपरा है। माना जाता है कि पूजा से पहले भोजन करने से साधना की पवित्रता प्रभावित होती है। पूजा संपन्न होने के बाद ही भोजन करना शुभ माना जाता है।
तामसिक भोजन का सेवन
मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज और अधिक मसालेदार भोजन से इस दिन दूरी रखना चाहिए। ऐसा भोजन मन को चंचल और शरीर को भारी बनाता है, जबकि यह दिन सात्विकता का प्रतीक है।
पेड़-पौधों की कटाई या छंटाई
वसंत पंचमी से प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार माना जाता है। इस दिन पेड़ों की कटाई या अनावश्यक छंटाई को अशुभ माना जाता है, क्योंकि यह जीवन और विकास के प्रतीक वसंत के विपरीत समझा जाता है।
गुस्सा, विवाद या नकारात्मक भावनाएँ
इस दिन क्रोध, झगड़े और कटु वचन से बचना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से विद्या और विवेक की देवी माता सरस्वती अप्रसन्न हो सकती हैं।
अनावश्यक खर्च या जल्दबाजी में निवेश
वसंत पंचमी 2026 को आर्थिक निर्णयों में संयम रखना बेहतर माना जाता है। बिना सोच-विचार के बड़ा खर्च या निवेश करने से बचना चाहिए।
वसंत पंचमी पर क्या न करें – संक्षिप्त तालिका
| वर्जित कार्य | क्यों बचें |
|---|---|
| काले वस्त्र पहनना | नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है |
| पूजा से पहले भोजन | पूजा की पवित्रता प्रभावित होती है |
| तामसिक भोजन | मन और शरीर पर नकारात्मक प्रभाव |
| पेड़-पौधों की कटाई | वसंत और जीवन के प्रतीक के विपरीत |
| गुस्सा और विवाद | सकारात्मक ऊर्जा में बाधा |
| जल्दबाजी में खर्च | आर्थिक असंतुलन की आशंका |
वर्तमान समय में वसंत पंचमी का व्यवहारिक महत्व
आज के दौर में जब तनाव और भागदौड़ बढ़ गई है, तब वसंत पंचमी 2026 आत्मशुद्धि और मानसिक संतुलन का अवसर भी देती है। इस दिन संयमित आहार, शांत व्यवहार और सकारात्मक सोच न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी मानी जाती है।
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Basant Panchami 2026 पर माता सरस्वती की कृपा पाने के लिए केवल पूजा ही नहीं, बल्कि गलत कार्यों से दूरी भी उतनी ही जरूरी है। वसंत पंचमी पर क्या न करें, यह समझकर यदि दिन को सात्विकता, संयम और शांति के साथ बिताया जाए, तो इसका प्रभाव लंबे समय तक जीवन में सकारात्मक रूप में दिखाई देता है।







