
देहरादून के मसूरी रोड स्थित आरकेडिया हिलाक्स सोसाइटी में फ्लैट निर्माण के नाम पर निवेशकों और बैंकों से करोड़ों रुपये की ठगी कर फरार हुए बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। पुलिस ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के लिए आवेदन कर दिया है और जल्द ही दोनों को भगोड़ा घोषित कर इनाम घोषित किया जा सकता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
आरकेडिया हिलाक्स सोसाइटी के नाम पर निवेशकों को फ्लैट देने का वादा कर शाश्वत गर्ग ने बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ी की। कई महीनों से निवेशक पुलिस और प्रशासन का दरवाजा खटखटा रहे हैं। मामला गंभीर होने के बाद गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने SIT का गठन किया।
आधिकारिक जानकारी
SIT की जांच में सामने आया है कि शाश्वत गर्ग के नेपाल भागने के साक्ष्य मिले हैं और उसके विदेश में भी कनेक्शन सामने आए हैं।
जांच में यह भी पता चला कि उसने कई लेनदेन विदेश स्थित खातों में किए हैं। SIT शाश्वत गर्ग के वित्तीय ट्रांजेक्शन, संपर्कों और संदिग्ध खातों की गहन जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि उसके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन उसकी लोकेशन अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसी के चलते पुलिस ने NBW (गैर-जमानती वारंट) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वारंट जारी होते ही उसे भगोड़ा घोषित कर इनाम रखा जाएगा।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
निवेशकों का कहना है कि बिल्डर ने प्रोजेक्ट की आड़ में न केवल लोगों की जमा पूंजी डुबोई, बल्कि सोसाइटी में रहने के सपने भी तोड़ दिए। कई निवेशकों ने बताया कि बिल्डर के फरार होने से उन्हें गंभीर वित्तीय नुकसान हुआ है।
कर्मचारियों के साथ भी ठगी
शाश्वत गर्ग ने निवेशकों के साथ-साथ अपने कर्मचारियों से भी लाखों रुपये हड़पे।
गोल्डन एरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत सागर राज, विनीत तोमर, आर्यन थापा और अफजल खान ने राजपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि शाश्वत गर्ग ने वेतन और अन्य भुगतान न देकर करीब 17 लाख रुपये की धोखाधड़ी की और फरार हो गया।
विशेषज्ञ टिप्पणी
वित्तीय अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश ट्रांजेक्शन और देश से भागने की कोशिश जैसे तथ्य इस केस को आर्थिक अपराध की गंभीर श्रेणी में रखते हैं। SIT द्वारा ट्रांजेक्शन खंगालने से कई और खुलासे होने की संभावना है।
आगे क्या
SIT शाश्वत और उसके परिवार की संपत्तियों की जांच कर रही है।
- देहरादून और गाजियाबाद में उसकी संपत्तियों का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है।
- आने वाले समय में इन्हें सील किए जाने की संभावना है।
- नेपाल में उनकी लोकेशन की पुष्टि होने पर एक विशेष टीम नेपाल भेजी जा सकती है।
पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने कहा: “गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के चलते SIT लगातार जांच कर रही है। विदेश ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई है। बिल्डर को भगोड़ा घोषित कर इनाम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।”






