
नई दिल्ली / देहरादून: नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में रविवार को उत्तराखण्ड दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तराखण्ड पवेलियन में स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों पर लगने वाले शुल्क को माफ करने की घोषणा की।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (IITF) देश के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक है, जहाँ विभिन्न राज्यों को अपने उत्पादों, संस्कृति और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने का मंच मिलता है। उत्तराखण्ड पिछले कई वर्षों से इस मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा है। इस बार राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के कारण उत्सव का महत्व और बढ़ गया।
अधिकारिक जानकारी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह मेला उत्तराखण्ड की संस्कृति, हस्तशिल्प, लोक परंपराओं और विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संध्या उत्तराखण्ड की जीवंत लोक संस्कृति की झलक पेश करती है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर “वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल” की अवधारणा प्रस्तुत की है, जिससे उत्तराखण्ड के पारंपरिक उत्सवों, मेलों, हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसी प्रमुख सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रवासी उत्तराखण्डी भले ही राज्य से दूर हों, लेकिन अपनी संस्कृति, बोली और परंपरा से जुड़े रहते हैं। इसी क्रम में राजस्थान के पुष्कर में स्थानीय प्रवासी समाज द्वारा निर्मित ‘उत्तराखण्ड धर्मशाला आश्रम’ का लोकार्पण भी उन्होंने किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष मेले में हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादकों द्वारा 1 करोड़ रुपये की बिक्री और 2.50 करोड़ के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिक्री इससे अधिक होगी।
उन्होंने दिल्ली–देहरादून एलिवेटेड रोड, ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना, अमृत योजना और उड़ान योजना जैसी बड़ी परियोजनाओं को प्रदेश के बुनियादी ढांचे के लिए महत्त्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के बाद राज्य में निवेश के नए अवसर बढ़े हैं और 30 से अधिक उद्योग-संबंधी नीतियाँ लागू कर व्यापार माहौल बेहतर हुआ है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं जैसे—एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होमस्टे और सौर स्वरोजगार योजना—के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बात भी कही।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखण्ड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, Ease of Doing Business में Achievers और Start-up Ranking में Leaders श्रेणी हासिल की है।
भ्रष्टाचार पर “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट कर्मचारी जेल भेजे गए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मेले में पहुंचे आगंतुकों ने कहा कि उत्तराखण्ड पवेलियन इस वर्ष भी आकर्षण का केंद्र रहा। लोगों ने राज्य के हथकरघा, हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों को खूब सराहा।
एक दर्शक ने बताया कि “उत्तराखण्ड के लोकनृत्य और संगीत ने पूरे पवेलियन को जीवंत बना दिया।”
आगे क्या
सरकार आगामी वर्ष में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्तराखण्ड के उत्पादों और सांस्कृतिक पहचान को और विस्तार देने की तैयारी कर रही है। “वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल” और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे अभियानों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।






