
देहरादून: आगामी मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक को लेकर उत्तराखंड शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य की ओर से बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करें और समय पर प्रस्तुत करें।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से जुड़े साझा प्रशासनिक, विकासात्मक और नीतिगत विषयों पर चर्चा की जाती है। इस बार उत्तराखंड सरकार कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखने जा रही है, जो राज्य के सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित हैं।
एजेंडा तैयार करने के निर्देश
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने बैठक के दौरान उन सभी विभागों को निर्देशित किया, जिनका एजेंडा अब तक प्राप्त नहीं हुआ है, कि वे तत्काल प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि एजेंडे में भारत सरकार से अपेक्षित सहयोग, संशोधन या नीतिगत सुझावों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
जौनसारी/जेनसारी शब्द प्रकरण और जनजातीय प्रस्ताव
बैठक में समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिया गया कि “जौनसारी/जेनसारी” शब्द की वर्तनी संशोधन से संबंधित प्रस्ताव अनुसूचित जनजाति मंत्रालय के पोर्टल पर प्रस्तुत किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि इस संबंध में विधायिका स्तर पर संशोधन आवश्यक हो, तो विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, पिथौरागढ़ जिले में भोटिया और राजी जनजाति के लिए एक-एक एकलव्य आदर्श विद्यालय की स्थापना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी का विषय भी एजेंडे में शामिल करने के निर्देश दिए गए।
आपदा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ा एजेंडा
मुख्य सचिव ने ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिया कि एसईसीसी (Socio Economic and Caste Census) डेटा के स्थान पर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए अन्य मानक अपनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके अतिरिक्त, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, पेयजल और सिंचाई विभागों को आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मानक में संशोधन और राहत राशि बढ़ाने का एजेंडा तैयार करने के निर्देश दिए गए।
आरआरटीएस और रेल परियोजनाओं पर चर्चा
परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि वह रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को मोदीनगर और मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने संबंधी प्रस्ताव तैयार करे। साथ ही, टनकपुर–बागेश्वर और ऋषिकेश–उत्तरकाशी रेल परियोजनाओं में सड़क निर्माण के प्रावधानों को भी एजेंडे में शामिल करने को कहा गया। कृषि विभाग को मंडी शुल्क से संबंधित विषय पर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां केंद्र और अन्य राज्यों से सहयोग प्राप्त कर राज्य की प्रमुख नीतिगत समस्याओं के समाधान को गति दी जा सकती है।”
आगे क्या
मुख्य सचिव ने सभी विभागों से कहा कि वे प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजें, ताकि बैठक से पहले राज्य का एजेंडा अंतिम रूप ले सके। यह बैठक आगामी सप्ताह में होने की संभावना है, जिसमें उत्तराखंड के कई विकासात्मक प्रस्ताव रखे जाएंगे।






