
मुनि की रेती, ऋषिकेश: पुर्तगाल में विवाद के दौरान घायल होने के बाद उपचार के दौरान जान गंवाने वाले टिहरी जनपद निवासी अनूप रावत का पार्थिव शरीर 19 दिन बाद भारत पहुंचा। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार मुनि की रेती स्थित पूर्णानंद घाट पर किया गया। परिजनों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के मीडिया प्रभारी हरीश असवाल के अनुसार, टिहरी जनपद के ग्राम सभा कुड़ी, पट्टी भदूरा निवासी अनूप रावत (33 वर्ष) पुर्तगाल के एक रेस्टोरेंट में शेफ के रूप में कार्यरत थे। बताया गया है कि एक विवाद के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 20 जनवरी को उनकी मृत्यु हो गई। विदेश में कानूनी और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 8 फरवरी को उनका पार्थिव शरीर भारत लाया गया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
संगठन से जुड़े लोगों के अनुसार पार्थिव शरीर को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया। इस मामले में विदेश में हुई घटना को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
परिजनों ने बताया कि अनूप रावत परिवार के सहारे के रूप में विदेश में कार्य कर रहे थे। गांव और क्षेत्र के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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