
ऋषिकेश: चंद्रेश्वर नगर में सरकारी जमीन पर करीब दस वर्ष पूर्व बनाए गए दो मंजिला भवन को बुधवार को नगर निगम की टीम ने ध्वस्त कर दिया। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट के नेतृत्व में जेसीबी की मदद से की गई इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से बाधित मार्ग अब खुलने की स्थिति में है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण के कारण चंद्रेश्वर नगर जाने वाला रास्ता संकरा और अवरुद्ध हो गया था, जिससे अक्सर जाम लगता था। आने वाले चारधाम यात्रा सीजन को देखते हुए इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नगर निगम के अनुसार संबंधित व्यक्ति ने करीब दस वर्ष पहले सरकारी भूमि पर निर्माण कर लिया था। इस कारण क्षेत्र का मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया था। चंद्रेश्वर नगर जाने वाले रास्ते पर अधिकांश समय वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती थी।
चारधाम यात्रा के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री भी गुजरते हैं। ऐसे में वैकल्पिक मार्ग की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई की गई। नगर निगम की ओर से 28 जनवरी को निर्माण ध्वस्त करने का नोटिस जारी किया गया था, लेकिन नोटिस लेने के लिए कोई सामने नहीं आया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार को दो मंजिला भवन को ध्वस्त कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि नगर निगम सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रखेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मार्ग बाधित होने के कारण रोजाना जाम की समस्या बनी रहती थी। कुछ लोगों ने बताया कि अब वैकल्पिक मार्ग बनने से चारधाम यात्रा के दौरान भी यातायात सुगम होने की उम्मीद है। व्यापारियों ने भी इसे क्षेत्र के हित में उठाया गया कदम बताया।
आगे क्या होगा
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार ध्वस्तीकरण के बाद मार्ग को व्यवस्थित करने और आवागमन सुचारु करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यदि क्षेत्र में अन्य अतिक्रमण चिह्नित होते हैं तो उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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