
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कनखल थाना क्षेत्र अंतर्गत पंजनहेड़ी गांव में बुधवार 28 जनवरी की सुबह जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई, जिसमें हरिद्वार जिला पंचायत के उपाध्यक्ष अमित चौहान के भाई सचिन चौहान और उनके मामा कृष्णपाल गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलाने का आरोप अतुल चौहान पर लगा है, जिन्होंने बाद में कनखल थाने पहुंचकर अपना लाइसेंसी हथियार जमा कराते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पुलिस के अनुसार पंजनहेड़ी गांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और कॉलोनी विकसित किए जाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी मामले से जुड़ी शिकायतों और न्यायालय में लंबित याचिका के चलते प्रशासनिक टीम बुधवार को मौके पर जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ता चला गया।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस ने बताया कि प्रशासन की टीम की मौजूदगी में अतुल चौहान और उनके भतीजे, भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरुण चौहान की हरिद्वार जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान से कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर हाथापाई की स्थिति बन गई और इसी दौरान फायरिंग की घटना हुई।
घटना का विवरण
एसपी सिटी अभय सिंह के अनुसार, अतुल चौहान ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किया। इस फायरिंग में अमित चौहान पक्ष के सचिन चौहान के पैर और कृष्णपाल के हाथ में गोली लगी। दोनों को तत्काल हरिद्वार के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
आत्मसमर्पण और आरोपी का पक्ष
घटना के बाद अतुल चौहान ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्होंने पंचायत भूमि और अवैध कॉलोनियों की शिकायत की थी, जिस कारण पहले भी उन पर हमले हुए थे। उनका कहना है कि बुधवार सुबह भी उन पर और उनके भतीजे पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसके बाद उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई। वीडियो जारी करने के बाद अतुल चौहान कनखल थाने पहुंचे और अपना लाइसेंसी हथियार जमा कराते हुए सरेंडर कर दिया।
मामले में नया मोड़
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानन्द सरस्वती के शिष्य ब्रह्मचारी सुधानंद ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने अतुल चौहान को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए कनखल थाने में तहरीर दी। तहरीर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान पर आपराधिक षड्यंत्र और प्रशासनिक संरक्षण में अवैध प्लाटिंग कराने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ब्रह्मचारी सुधानंद ने अमित चौहान समेत दस अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अमित चौहान पक्ष की ओर से पुलिस को अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
साक्ष्य और जांच
पुलिस के मुताबिक मौके पर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन किया है और चार कारतूस बरामद किए गए हैं। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और घटनास्थल से जुड़े वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी विवाद और अवैध कॉलोनियों को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर भी अवैध कॉलोनी और भूमि विवाद की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।







