
चकराता: चकराता में बर्फबारी का दीदार करने देशभर से पहुंचे पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कालसी–चकराता मोटर मार्ग पर बरौरी मंदिर से लेकर चकराता बस स्टैंड तक करीब सात किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। संकरी पहाड़ी सड़कों और सीमित पार्किंग व्यवस्था के चलते वाहनों की रफ्तार थम गई, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बर्फबारी का आनंद लेने आए सैलानियों के लिए यह यात्रा अनुभव कठिन साबित हुआ।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हर साल सर्दियों में बर्फबारी के बाद चकराता पर्यटकों की पसंदीदा जगह बन जाता है। वीकेंड और अवकाश के दौरान यहां वाहनों का दबाव अचानक बढ़ जाता है। सीमित सड़क चौड़ाई और पार्किंग सुविधाओं की कमी के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या अक्सर सामने आती है।
आधिकारिक जानकारी
जाम की सूचना मिलते ही चकराता पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस द्वारा यातायात को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए और एक-एक कर वाहनों को आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों ने बताया कि भारी भीड़ के कारण यातायात सुचारु करने में समय लगा, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बढ़ी पर्यटक संख्या से सड़कों पर दबाव बढ़ गया। कुछ पर्यटकों ने बताया कि लंबे समय तक जाम में फंसे रहने के बाद उन्होंने वाहन सड़क किनारे खड़े कर पैदल ही बर्फबारी का आनंद लिया, हालांकि इससे ट्रैफिक व्यवस्था और प्रभावित हुई।
आंकड़े / तथ्य
कालसी–चकराता मार्ग पर करीब सात किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। सैकड़ों वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। बड़ी संख्या में निजी वाहन और दुपहिया वाहन चकराता की ओर पहुंचे, जिससे यातायात दबाव बढ़ा।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि यात्रा से पहले मौसम और यातायात की स्थिति की जानकारी लें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और सड़क किनारे वाहन खड़ा न करें। भारी भीड़ के दौरान सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की सलाह भी दी गई है, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके।





