
रुद्रपुर में किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के पुत्र से जुड़े मारपीट प्रकरण का पुलिस द्वारा खुलासा होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मामले में यह सामने आने के बाद कि कथित जानलेवा हमले की साजिश स्वयं सौरभ बेहड़ ने रची थी, किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर प्रदेश सरकार की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम ने कई दावों की वास्तविकता उजागर कर दी है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे और नगर पार्षद सौरभ बेहड़ पर हुए कथित जानलेवा हमले के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गया था। शुरुआती दौर में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने प्रकरण की दिशा बदल दी।
पुलिस जांच में सामने आए तथ्य
पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि सौरभ बेहड़ पर हुए हमले की साजिश खुद उसी ने रची थी। इस खुलासे से पहले तिलक राज बेहड़ ने प्रेस वार्ता कर अपने बेटे की हरकत पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी और शर्मिंदगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि उनके बेटे ने उन्हें समाज और राजनीति दोनों के सामने शर्मसार किया है और वह इस कृत्य के लिए उसे जीवन भर माफ नहीं करेंगे।
राजेश शुक्ला का कांग्रेस पर हमला
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि घटना के बाद से ही प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। उनके अनुसार कांग्रेस के कई नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाए, लेकिन पुलिस द्वारा सच्चाई सामने आने के बाद वही आरोप सवालों के घेरे में आ गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक द्वारा असली हमलावरों और उनके पीछे के व्यक्ति का नाम उजागर करने की मांग की जा रही थी, जबकि अब सच सबके सामने है।
समर्थकों को परेशान किए जाने का आरोप
राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उनके घर तक पुलिस पहुंची और उनके कई समर्थकों को भी परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से वह आहत हैं और मामले की निष्पक्षता पर भी सवाल उठते हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस जांच से सच्चाई सामने आना जरूरी था, ताकि अनावश्यक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से जनता भ्रमित न हो। कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में बयानबाजी से पहले तथ्यों का इंतजार किया जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
पुलिस के खुलासे के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। प्रशासन की ओर से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।







