
ऋषिकेश में शुक्रवार को बसंत उत्सव के अवसर पर ग्राम देवता भगवान भरत नारायण की दिव्य और अलौकिक डोली मंदिर से निकलकर पूरे नगर में भ्रमण पर निकली। इस दौरान नगरवासियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। मान्यता है कि इस पावन दिन भगवान भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। नगर भ्रमण के दौरान भगवान भरत नारायण के प्रतिनिधि स्वरूप महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज ने भक्तजनों को आशीर्वाद प्रदान किया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
बसंत उत्सव ऋषिकेश में परंपरागत रूप से विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान भरत नारायण की डोली नगर भ्रमण पर निकलती है, जिसे देखने और पूजन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है।
नगरवासियों ने रंगोलियों से किया स्वागत
भगवान भरत नारायण महाराज के स्वागत में नगर क्षेत्र के लोगों ने अपने घरों के द्वार पर रंग-बिरंगी रंगोलियां सजाईं और विधिवत पूजा-अर्चना की। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस दिन का ऐतिहासिक महत्व
इस दिन का विशेष महत्व यह भी है कि परंपरा के अनुसार शंकराचार्य महाराज ने इसी तिथि को ऋषिकेश में ग्राम देवता भगवान भरत नारायण की दिव्य अलौकिक मूर्ति की स्थापना की थी। तभी से यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन माना जाता है।
भव्य रथ यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
भव्य रथ यात्रा में वरुण शर्मा, दीप शर्मा, विनय उनियाल, महंत रवि शास्त्री, जयेंद्र रमोला, प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, प्रधानाचार्य के. एल. दीक्षित, प्रधानाचार्य सुरेंद्र भट्ट, लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, रामकृपाल गौतम, देवेंद्र प्रजापति, रंजन अंथवाल और दीपक भारद्वाज सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि भगवान भरत नारायण का नगर भ्रमण हर वर्ष नगर में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सौहार्द का संदेश देता है। श्रद्धालुओं के अनुसार इस दिन की पूजा-अर्चना से परिवार और समाज में सुख-समृद्धि आती है।
आगे क्या होगा
मंदिर समिति के अनुसार आगामी दिनों में भी धार्मिक अनुष्ठान और पूजन कार्यक्रम जारी रहेंगे। प्रशासन और समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती रहेंगी।







