
देहरादून: राजपुर क्षेत्र स्थित हिलॉक्स आवासीय परियोजना में निवेश करने वाले 10 खरीदारों ने उत्तराखंड रेरा में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि बिल्डर शाश्वत गर्ग ने फ्लैट की पूरी रकम लेने के बावजूद खरीदारों के पक्ष में रजिस्ट्री नहीं कराई। मामले के सामने आने से पहले ही शाश्वत गर्ग पत्नी सहित देहरादून से फरार हो गया था। अब रेरा ने इन सभी शिकायतों पर सुनवाई के लिए अलग-अलग तारीखें तय कर दी हैं, जिससे पीड़ित खरीदारों को न्याय की उम्मीद बंधी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष 16 अक्तूबर को शाश्वत गर्ग अपनी ससुराल हापुड़ गया था, जहां से वह परिवार सहित फरार हो गया। देहरादून में उसकी दो आवासीय परियोजनाएं संचालित थीं—एक राजपुर स्थित हिलॉक्स और दूसरी रायपुर के थानो क्षेत्र में। फरारी के बाद रायपुर परियोजना के कुछ खरीदारों ने रेरा में शिकायत की थी, जिस पर उस परियोजना की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई थी।
आधिकारिक जानकारी
रेरा सदस्य नरेश मठपाल ने बताया कि हिलॉक्स परियोजना से जुड़े सभी 10 खरीदारों की शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं। प्रत्येक मामले में नियमानुसार अलग-अलग तारीखों पर सुनवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेरा पूरे मामले पर करीबी नजर बनाए हुए है और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
खरीदारों की परेशानी
हिलॉक्स परियोजना का बड़ा हिस्सा निर्माण की दृष्टि से लगभग पूरा हो चुका है और परिसर में कई परिवार रह भी रहे हैं। इसके बावजूद कुछ खरीदार ऐसे हैं, जिन्होंने पूरी भुगतान राशि जमा कर दी, लेकिन अब तक उनके नाम रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। इससे न केवल उनकी कानूनी स्थिति असुरक्षित है, बल्कि भविष्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
पहले से दर्ज हैं मामले
हिलॉक्स परियोजना के एक खरीदार की शिकायत पर पहले ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी प्रकरण के आधार पर अब प्रवर्तन निदेशालय ने भी शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इससे पूरे प्रकरण की गंभीरता और बढ़ गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पीड़ित खरीदारों का कहना है कि जीवनभर की पूंजी लगाने के बाद भी उन्हें अपने फ्लैट का कानूनी अधिकार नहीं मिल पाया है। उन्होंने मांग की है कि रेरा और अन्य एजेंसियां त्वरित कार्रवाई कर उनकी रजिस्ट्री सुनिश्चित करें या वैकल्पिक राहत उपलब्ध कराएं।
आगे क्या होगा
रेरा द्वारा तय की गई सुनवाई तिथियों में पक्षकारों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच और सुनवाई के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। साथ ही अन्य एजेंसियों की जांच के चलते आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






