
नई टिहरी के कोटीकॉलोनी स्थित सीआईएसएफ कॉलोनी में ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी का धुआं एक चार साल की मासूम बच्ची के लिए जानलेवा साबित हुआ। दम घुटने से बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी मां की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के समय बच्ची के पिता उपचार के लिए देहरादून गए हुए थे। सुबह कमरे का दरवाजा न खुलने पर पड़ोसियों की सूचना से पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। यह हादसा सर्दियों में बंद कमरों में अंगीठी के उपयोग के खतरों को एक बार फिर सामने लाता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी गणेश पालवे सीआईएसएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं और उनका परिवार कोटीकॉलोनी स्थित सीआईएसएफ कॉलोनी में रहता है। जानकारी के अनुसार गणेश पालवे अस्वस्थ होने के कारण उपचार के लिए देहरादून गए हुए थे। 16 जनवरी की शाम ठंड से बचने के लिए उनकी पत्नी मोनिका गणेश पालवे ने कमरे के भीतर अंगीठी जलाई और रात के समय उसे कमरे में ही रख दिया।
आधिकारिक जानकारी
अगली सुबह करीब 10 बजे तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो आसपास रहने वालों ने शोर मचाया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। कमरे में बिस्तर पर मोनिका पालवे और उनकी चार साल की बेटी आर्य गणेश पालवे बेहोशी की हालत में मिलीं। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।
कोतवाली निरीक्षक एश्वर्य पाल ने बताया कि कमरे की तलाशी ली गई है। वहां कोई विषाक्त पदार्थ या सुसाइड नोट नहीं मिला है। कमरे के अंदर अंगीठी पाई गई है। प्रथम दृष्टया आशंका है कि अंगीठी से निकले धुएं के कारण दम घुटने से बच्ची की मौत हुई होगी। मामले की जांच जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्दियों में अंगीठी का इस्तेमाल आम है, लेकिन बंद कमरे में इसका उपयोग बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से जागरूकता बढ़ाने की मांग की है, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
आगे क्या होगा
पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन की ओर से सर्दियों में हीटर और अंगीठी के सुरक्षित उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की अपील किए जाने की संभावना है।







