
देहरादून। दून अस्पताल में पंजीकरण व्यवस्था को लेकर मरीजों को हो रही दिक्कतों के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। अब पंजीकरण के लिए दो अतिरिक्त काउंटर बढ़ाए जाएंगे और सभी काउंटरों पर आभा आईडी के साथ-साथ सामान्य तरीके से भी पर्चे बनाए जा सकेंगे। यह निर्णय मरीजों की सुविधा और ओपीडी में लग रही लंबी कतारों को देखते हुए लिया गया है, जिससे इलाज की प्रक्रिया पहले की तरह सुचारू हो सकेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
करीब एक सप्ताह पहले दून अस्पताल में आभा आईडी के जरिए पंजीकरण को अनिवार्य किया गया था। इसके बाद उन मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिनके पास मोबाइल से लिंक आधार कार्ड या स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं था। पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा था, जिससे ओपीडी में अव्यवस्था की स्थिति बन गई थी।
आधिकारिक जानकारी
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, पहले सामान्य तरीके से पर्चा बनाने के लिए केवल एक काउंटर निर्धारित किया गया था और मरीजों की सहायता के लिए आठ स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैनात की गई थी। अब नई व्यवस्था के तहत सभी काउंटरों पर आभा आईडी और पुरानी प्रणाली—दोनों माध्यमों से पंजीकरण किया जा सकेगा। साथ ही काउंटरों की संख्या आठ से बढ़ाकर दस की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मरीजों का कहना है कि नई व्यवस्था के कारण बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को अधिक दिक्कत हो रही थी। सामान्य पंजीकरण की सुविधा हर काउंटर पर मिलने से अब समय की बचत होगी और इलाज तक पहुंच आसान होगी।
विशेषज्ञ / प्रशासनिक बयान
डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट, चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पताल ने कहा कि मरीजों को आभा से पंजीकरण में आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सभी काउंटरों पर सामान्य तरीके से भी पर्चे बनाए जाएंगे और दो अतिरिक्त काउंटर खोलने के लिए मेडिकल कॉलेज से कर्मचारियों की मांग की गई है।
आगे क्या होगा
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आने वाले दिनों में पंजीकरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो स्टाफ और संसाधनों में और बढ़ोतरी की जाएगी, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।






