
विकासनगर। विकासनगर थाना क्षेत्र में पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी सिपाही विनोद कुमार को अदालत से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला की अदालत ने अभियुक्त की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। अदालत ने मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सशर्त अग्रिम जमानत प्रदान की है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अभियुक्त उत्तराखंड पीएसी में कार्यरत है और उसने उत्तरकाशी पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देकर उसे 26 दिसंबर 2025 को देहरादून से उत्तरकाशी ले जाकर एक रिजॉर्ट में रातभर रोके रखा और जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
आधिकारिक जानकारी
अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण 28 दिसंबर को कराया गया। वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि अभियुक्त 26 और 27 दिसंबर को अपनी ड्यूटी पर तैनात था, जिसका आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि घटना 26 दिसंबर की बताई गई, जबकि रिपोर्ट 30 दिसंबर को दर्ज हुई और इस देरी का कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला संवेदनशील है और जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके और किसी के साथ अन्याय न हो।
अदालत की टिप्पणी
अदालती आदेश में कहा गया कि पीड़िता वयस्क है और एक शिक्षण संस्थान में कार्यरत है, ऐसे में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की समझ न होना स्वाभाविक नहीं लगता। अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को भी महत्व दिया कि अभियुक्त का पद ऐसा नहीं है कि वह किसी को नौकरी लगवाने का आश्वासन दे सके और पढ़ा-लिखा व्यक्ति उस पर सहज ही विश्वास कर ले।
आगे क्या होगा
अदालत ने अभियुक्त को एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और दो जमानतदारों की शर्त पर अग्रिम जमानत दी है। साथ ही जांच में सहयोग करने और बिना अनुमति देश न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस द्वारा मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।







