
चकराता। चकराता क्षेत्र के ग्राम खारसी, मानुवा और गेहरी के ग्रामीणों ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक अहम निर्णय लिया है। सोमवार को आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सामाजिक कार्यक्रमों में महिलाओं के आभूषण पहनने की सीमा निर्धारित की जाएगी और गांवों में शराब के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य सामाजिक समानता, सादगी और बढ़ती महंगाई के दबाव को कम करना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक आयोजनों के दौरान बढ़ते खर्च और दिखावे को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इसी को देखते हुए चकराता क्षेत्र के इन गांवों ने सामूहिक बैठक कर सामाजिक नियमों को सरल और समान बनाने का निर्णय लिया।
आधिकारिक जानकारी
बैठक में तय किया गया कि किसी भी सामाजिक आयोजन में महिलाएं केवल कानों में कुंडल, मुर्की, झुमकी या बाली, नाक में फूली, हाथ में अंगूठी और गले में मंगलसूत्र या पेंडेंट ही पहन सकेंगी। इसके अतिरिक्त अन्य भारी या महंगे दिखने वाले आभूषणों पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही गांवों में शराब के सेवन पर भी पूरी तरह रोक लगाने की घोषणा की गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस निर्णय से समाज में दिखावे की होड़ कम होगी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा। ग्रामीणों ने इसे सामूहिक सहमति से लिया गया फैसला बताया।
नेतृत्व की बात
गांव स्याणा शूरवीर सिंह पंवार ने बताया कि यह निर्णय सामाजिक समानता, सादगी और महंगाई को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से इस फैसले को स्वीकार किया है और इसके पालन पर भी सहमति जताई है।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों के अनुसार इन नियमों का पालन गांव स्तर पर सामूहिक जिम्मेदारी के साथ कराया जाएगा। भविष्य में जरूरत पड़ने पर अन्य सामाजिक मुद्दों पर भी इसी तरह सामूहिक निर्णय लिए जाएंगे।





