
देहरादून: बार एसोसिएशन देहरादून की शुक्रवार को हुई आम सभा में तय किया गया कि वकीलों का धरना आगामी सोमवार से फिर शुरू होगा। चेंबर निर्माण को लेकर सरकार से ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया है। एसोसिएशन ने कहा है कि यदि एक सप्ताह में स्पष्ट लिखित आश्वासन नहीं मिला तो 22 दिसंबर को घंटाघर तक मार्च किया जाएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में वकीलों की हड़ताल और धरना कई दिनों से चल रहा है। वकील नए कोर्ट परिसर में चेंबर निर्माण की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से सीमित सहयोग का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन बार एसोसिएशन लिखित रूप में पूरी जिम्मेदारी लेने की मांग पर अडिग है। लगातार बैठकों और आश्वासनों के बावजूद अभी तक समाधान नहीं निकल पाया है।
आम सभा का निर्णय
बार अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने बताया कि शुक्रवार को हुई आम सभा में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि धरना सोमवार से जारी रखा जाएगा। हालांकि इस बार अधिवक्ता सड़क जाम नहीं करेंगे, बल्कि पुराना जिला जज कैंपस में शांतिपूर्ण धरना देंगे।
कंडवाल ने कहा कि यदि सरकार अगले सात दिनों में चेंबर निर्माण की पूरी जिम्मेदारी लेने का स्पष्ट लिखित आश्वासन नहीं देती है तो 22 दिसंबर को अधिवक्ता घंटाघर तक मार्च निकालेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यदि मुख्यमंत्री मांगें स्वीकार कर लेते हैं, तो उनके सम्मान में वकील तिरंगा यात्रा निकालेंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कोर्ट परिसर के आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि धरना और हड़ताल के कारण कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। आम सभा के निर्णय ने लोगों में उम्मीद जगाई है कि अब आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चलेगा और समाधान जल्द निकलेगा।
बार एसोसिएशन में चुनाव की मांग
आम सभा में एक और मुद्दा उठाया गया। हाल ही में बार के चार पद रिक्त हो गए थे और सदस्यों ने इन पदों पर दोबारा चुनाव कराने की मांग रखी। बार अध्यक्ष ने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय चुनाव कमेटी से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
आगे क्या?
अब पूरा मामला सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। यदि एक सप्ताह में लिखित आश्वासन नहीं दिया गया तो वकीलों का आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। एसोसिएशन ने साफ किया है कि उनकी मांगें न्यायिक कार्यों और वकीलों की सुविधाओं से जुड़ी हैं, इसलिए सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।




