
उत्तरकाशी: गंगोत्री धाम के बाद अब यमुनोत्री धाम में भी गैर सनातनियों के प्रवेश को वर्जित करने का निर्णय लिया गया है। यमुनोत्री मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि आगामी अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान यह नियम प्रभावी कर दिया जाएगा। वहीं प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की संत समाज और मंदिर समिति ने कड़ी निंदा की है, जिसे सनातन धर्म की भावनाओं के खिलाफ बताया गया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थ स्थलों की मर्यादा और धार्मिक परंपराओं को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। बीते दिनों गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश को लेकर लिए गए निर्णय के बाद अब यमुनोत्री धाम में भी इसी तरह का कदम उठाया गया है। संत समाज का कहना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए ऐसे नियम जरूरी हैं, ताकि तीर्थ की मूल भावना प्रभावित न हो।
आधिकारिक जानकारी
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान करने से रोके जाने की घटना से सनातनियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह घटना सनातन धर्म के खिलाफ है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए समिति हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है और इसी क्रम में यमुनोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान धामों की गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
बड़कोट क्षेत्र के लोगों ने बताया कि तीर्थ की परंपराओं की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है और इससे श्रद्धालुओं में सकारात्मक संदेश जाएगा।
आगे क्या होगा
चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ ही यमुनोत्री धाम और उसके आसपास गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक प्रभावी कर दी जाएगी। इसके साथ ही बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन आने वाले बदरीनाथ, केदारनाथ समेत 45 से अधिक मंदिरों में भी गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक को लेकर आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।
अन्य संबंधित घटनाक्रम
तीर्थ की मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से श्रीगंगा सभा ने हर की पैड़ी समेत कई घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश को निषेध कर दिया है। इस संबंध में विभिन्न स्थानों पर बैनर और बोर्ड लगाए गए हैं।
बोर्ड में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घाटों पर फिल्मी गीतों पर वीडियो या रील बनाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।





