
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में स्कूल जॉब्स स्कैम के शिकार शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण 25,753 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नौकरी रद्द करने के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को कांग्रेस महासचिव गुलाम अहमद मीर से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने प्रभावित शिक्षकों को समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने मीर को भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की कानूनी स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। गुलाम अहमद मीर ने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन के मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “बैठक में तय हुआ कि प्रभावित शिक्षकों की एक टीम नई दिल्ली जाएगी और वहां लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलकर आगे समर्थन मांगेगी।”
मुलाकात में पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति (WPBCC) अध्यक्ष शुभंकर सरकार की पहल महत्वपूर्ण रही। वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशुतोष चट्टोपाध्याय और सुमन राय चौधरी भी चर्चा में मौजूद थे।
स्कूल जॉब्स स्कैम का पृष्ठभूमि
अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने 2016 की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा किया और पूरे पैनल को रद्द कर दिया। इससे 25,753 कर्मचारी अपने पदों से वंचित हो गए। 2024 की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती में रिश्वतखोरी और फर्जी दस्तावेज का मामला सामने आया था।
प्रभावित शिक्षक राहुल दास ने कहा, “हमारी मेहनत पर पानी फिर गया। कांग्रेस का समर्थन हमें न्याय के लिए लड़ने की ताकत देगा।”
कांग्रेस का रुख
शुभंकर सरकार ने कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार की लापरवाही से हजारों शिक्षकों का भविष्य बर्बाद हुआ। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।” आशुतोष चट्टोपाध्याय ने भी समर्थन जताया। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस मुख्यालय विधान भवन में सरकार से मुलाकात की।







