
विकासनगर: कोटी इच्छाड़ी डैम के पास उस समय अफरातफरी मच गई, जब डैम में पानी का स्तर बढ़ने पर अचानक टोंस नदी में पानी छोड़ा गया। तेज बहाव के बीच डाउन स्ट्रीम में काम कर रही एक पोकलैंड मशीन और उसका ऑपरेटर नदी के बीच फंस गए। मौके पर मौजूद मजदूरों और UJVNL कर्मियों की त्वरित सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
इच्छाड़ी डैम क्षेत्र में अक्सर मरम्मत और रखरखाव कार्य चलते रहते हैं। टोंस नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर डाउन स्ट्रीम में काम करने वाले मजदूरों और ऑपरेटरों के लिए खतरा बढ़ जाता है। कुछ दिन पूर्व ऐसी ही स्थिति तब बन गई जब डैम में हुए ऑवरफ्लो के कारण बिना पूर्व चेतावनी के पानी छोड़ा गया और नदी का स्तर कुछ ही मिनटों में तेजी से बढ़ गया।
औपचारिक जानकारी
जानकारी के अनुसार, UJVNL विभाग के लिए डाउन स्ट्रीम साइट पर पोकलैंड मशीन से कार्य किया जा रहा था। तभी डैम से छोड़े गए पानी के तेज बहाव ने मशीन को चारों ओर से घेर लिया। अचानक उठे जलस्तर ने ऑपरेटर को मशीन समेत नदी के बीच फंसा दिया। कुछ ही क्षणों में स्थिति गंभीर होती गई और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
ऐसी परिस्थितियों में UJVNL कर्मियों और ठेकेदार के मजदूरों ने तुरंत रेस्क्यू की कोशिश शुरू की। मजदूरों ने लंबी फ्लेक्सिबल पाइप का सहारा बनाकर ऑपरेटर तक पहुंच बनाई और काफी प्रयासों के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला। मशीन को क्षति पहुँची, लेकिन ऑपरेटर के सुरक्षित निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
विभागीय सूत्रों के अनुसार यह घटना कुछ दिन पहले की है, जिसकी आंतरिक जांच चल रही है। यह भी जांच का विषय है कि नदी में पानी छोड़े जाने से पहले डाउन स्ट्रीम टीम को समय पर चेतावनी क्यों नहीं दी गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों और मजदूरों ने चिंता जताई कि डैम से पानी छोड़े जाने की जानकारी समय से न मिलना बड़े हादसों को जन्म दे सकता है। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे कार्य क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और अलर्ट सिस्टम मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि को रोका जा सके।
आगे क्या?
UJVNL विभाग ने घटना की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चेतावनी प्रणाली और सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसे जोखिम वाली जगहों पर कार्यरत कर्मचारियों और मजदूरों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने पर विचार किया जा रहा है।






