
देहरादून। पटेलनगर थाना क्षेत्र के वन विहार में घर में घुसकर लूटपाट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें वारदात का मास्टरमाइंड पीड़ित का बहनोई निकला। आरोपी ने जमीन सौदे में करोड़ों रुपये मिलने की उम्मीद में लूट की साजिश रची थी, हालांकि सौदा रद्द होने के कारण बदमाशों के हाथ अपेक्षा से बहुत कम रकम लगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बीती आठ जनवरी की रात वन विहार में बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से एक घर में धावा बोलकर महिलाओं को हथियारों के बल पर बंधक बनाया और मारपीट कर लूटपाट की थी। घटना के बाद से पुलिस को शक था कि वारदात के पीछे किसी जानकार की भूमिका हो सकती है।
आधिकारिक जानकारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि पीड़ित शराफत अली ने सहारनपुर में जमीन का सौदा किया था। मास्टरमाइंड बुशरान राणा को सूचना मिली थी कि बयाने के तौर पर 1.80 करोड़ रुपये मिले हैं। इसी लालच में उसने मुजफ्फरनगर से अपने पेशेवर साथियों को देहरादून बुलाया और लूट करवाई। जांच में सामने आया कि जमीन का सौदा अंतिम समय में रद्द हो चुका था, इसलिए घर से केवल एक लाख रुपये और कुछ गहने ही मिले।
जांच कैसे हुई
पुलिस ने कोतवाली पटेलनगर और एसओजी की संयुक्त टीमें गठित कीं। आरोपियों के फरार होने के मार्ग पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे हुलिए की पहचान हुई। मुखबिर की सूचना पर तेलपुर चौक के पास घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को दबोच लिया गया।
बरामदगी और आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरनगर (उप्र) के रहने वाले हैं। इनमें बुशरान और आसिफ उर्फ बबलू (खतौली), इरफान और वासिफ (कजियान) तथा राजकुमार उर्फ अनिल (बुढ़ाना) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 91,950 रुपये नकद, दो तमंचे, चार कारतूस, दो चाकू और घर में घुसने के लिए इस्तेमाल किया गया औजार बरामद किया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि रिश्तेदारी की आड़ में की गई यह साजिश चौंकाने वाली है। इलाके में इस खुलासे के बाद दहशत के साथ-साथ पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी हो रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार महिलाओं से लूटे गए गहनों की बरामदगी के लिए आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।






